राकेश टिकैत ने दिया NSO की रिपोर्ट का हवाला, कहा- किसानों की आय घटकर हुई 38 फीसदी; मोदी सरकार से पूछा – कैसे 3 महीनों में आय होगी दोगुनी

किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत ने रविवार को NSO रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर के जरिए सरकार से पूछा कि कैसे तीन महीनों में किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा।

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राकेश टिकैट ने NSO की रिपोर्ट का हवाला देकर मोदी सरकार पर हमला बोला। Photo Source- Indian Express

किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत ने रविवार को NSO रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर के जरिए सरकार से पूछा कि कैसे तीन महीनों में किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर राकेश टिकैत ने लिखा कि केन्द्र सरकार ने कहा था 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी जबकि NSO की रिपोर्ट 2019 बता रही है कि 6 साल में किसान की खेती से होने वाली आय 48% से घटकर 38% रह गई। टिकैत ने पूछा कि आखिर वो कौन सी जादुई छड़ी है जिससे 3 माह बाद आमदनी दोगुना हो जाएगी। मोदी सरकार पर सवाल दागते हुए BKU नेता ने कहा कि आखिर यह छलावा नहीं तो और क्या?

NSO का सर्वे: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस या NSO ने साल 2019 में ‘ग्रामीण भारत में कृषि परिवारों और भूमि जोत का आकलन 2019’ नाम से एक सर्वे किया था। जिसकी रिपोर्ट 10 सितंबर 2021 को जारी की गई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार 6 साल में किसान की खेती से होने वाली आय 48% से घटकर 38% हो गई। इस रिपोर्ट के अनुसार देश में आधे से ज्यादा कृषक परिवार कर्ज में हैं।

2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा: मोदी सरकार ने 2016-17 के केंद्रीय बजट में साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। ऐसे में NSO द्वारा जारी रिपोर्ट पर आंदोलनरत किसानों की नाराजगी सामने आ रही है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कई संस्थागत सुधारों की बात भी कही गई थी, जिसमें प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत भी की गई, लेकिन इसका कुछ खास असर नजर नहीं आया। वहीं तकनीकी सुधारों के नाम पर eNAM जैसे पोर्टल के साथ कई योजनाएं शुरू की गई, किसानों का आरोप रहा है कि यह योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही।

कई महीनों से जारी है किसानों का आंदोलन: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर किसान पिछले कई महीनों से अपनी मांगों के साथ बैठे हुए हुए हैं। सर्दी, गर्मी के बाद अब बरसात का मौसम भी लगभग बीत चुका है, लिहाजा किसानों का अस्थायी आशियाना अब उनका लगभग परमानेंट ठिकाना बन चुका है। सरकार के साथ बातचीत नहीं होने की स्थिति में किसान अब अगले कई सालों के लिए आंदोलन करने पर विचार कर रहे हैं।

किसान लॉकडाउन का ऐलान: आंदोलन कर रहे किसानों ने 27 सितंबर को ‘किसान लॉकडाउन’ का ऐलान किया है। BKU नेता राकेश टिकैत ने लोगों से अपील की है कि जो लोग भी अन्न खाते हैं वो एक दिन किसानों के नाम कर दें। उस दिन कोई भी सड़क पर न उतरे जो भी निकलेगा वो फंसा रह जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को पीछे हटा कर सरकार जीतना चाहती है क्या? हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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