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मंडी से बाहर क्यों बिक रहा है, ऑफिस में बैठ गप्प मारोगे?- अफसर को जब हड़काने लगे टिकैत के नेता

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश सिंह टिकैत ने बैशाखी की बधाई देते हुए ट्वीट किया कि "भारत सरकार के एक फैसले से किसानों का त्यौहार बैशाखी भी काला हो गया है। हमारा तीनो कानूनों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।"

bku, farmer movementनोएडा के दनकौर में तहसीलदार को सड़क पर घेरे हुए बीकेयू नेता पवन खटाना। (फोटो- ट्विटर)

किसानों का साढ़े चार महीने से ज्यादा वक्त से चल रहा आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में जिला गौतम बुद्ध नगर के दनकौर में गेहूं क्रय केंद्र पर तुलाई नहीं होने पर नाराज किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन खटाना के नेतृत्व में धऱना दिया। इस दौरान उन लोगों ने तहसीलदार को सड़क पर बैठाकर जमकर हड़काया। पूछा मंडी से बाहर गेहूं क्यों बिक रहा है? तहसीलदार ने जब कहा कि वह इस मामले को देखेंगे तो बीकेयू नेता पवन खटाना ने हड़काते हुए कहा, “तुम क्या काम करते हो, ऑफिस में बैठ गप्प मारोगे?” पवन खटाना भारतीय किसान यूनियन का प्रदेश प्रवक्ता एवं मेरठ मंडल के अध्यक्ष हैं।

इस बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश सिंह टिकैत ने बैशाखी की बधाई देते हुए ट्वीट किया कि “भारत सरकार के एक फैसले से किसानों का त्यौहार बैशाखी भी काला हो गया है। हमारा तीनो कानूनों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। सभी देशवासियों को बैशाखी की हार्दिक शुभकामनाएं।” उन्होंने कहा कि सरकार को हर हाल में तीनों कानून वापस लेने पड़ेंगे। जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेती है, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को झुकना ही पड़ेगा। तीनों कानून वापस लेने से कम पर कोई समझौता नहीं होगा। किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिलना ही चाहिए। टिकैत ने मंगलवार को गाजियाबाद के एक अस्पताल में कोविड-19 का टीका भी लगवाया।

राकेश टिकैत ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि- ‘अगर देश में किसी पार्टी की सरकार होती तो लचीलापन आ जाता, ये तो उद्योगपतियों की सरकार है। बड़े-बड़े गोदाम तोड़े जाएंगे तब जाकर लचीलापन टूटेगा।’  किसान नेता टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होती तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।

राकेश टिकैत की पोस्ट पर लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। रजत नाम के यूजर ने तंज कसते हुए लिखा- किसानों की मांग को सरकार ने कृषि बिल लाकर पूरा कर दिया है। जिसका फायदा जल्द ही उन्हें मिलने लगेगा। रही बात तुम्हारी मांग की, तो अब तुम्हें मंत्री तो बना नहीं सकते। जिसके लिए तुम 3 बार चुनाव हार चुके हो।’ सीमा तिवारी नाम की महिला यूजर ने लिखा- ‘जब दीपक बुझने वाला होता है, तब ज्यादा फड़फड़ा है।’

दिनेश चावला नाम के शख्स ने लिखा- ‘किसानों के नाम पर यह अराजकता फैलाना बंद करो। सरकार खामोश है इसका मतलब यह नहीं कि सरकार लाचार है। जानबूझकर उकसाने का प्रयास मत करो।’

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