दिल्ली में मंगलवार को लोक कल्याण मार्ग के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटना में कांग्रेस ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। पटना में आज भाजपा के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पत्थरबाजी भी हुई।

बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच उस समय झड़प हो गई, जब सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए जुलूस निकाला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में यह जुलूस निकाला गया। पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस के बिहार प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम के मुख्य द्वार तक पहुंचे। इस दौरान उनके हाथों में राहुल गांधी और कांग्रेस पर ”अराजकता” फैलाने का आरोप लगाने वाले पोस्टर और बैनर थे।

कांग्रेस के कार्यकर्ता बांस के डंडे लेकर भाजपा के जुलूस की ओर बढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। हालांकि, कितने लोग घायल हुए या पुलिस ने कितने लोगों को हिरासत में लिया, इस बारे में अधिकारियों ने कोई जानकारी नहीं दी है।

बीजेपी का जयपुर में प्रदर्शन

इसके साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जयपुर और देहरादून में भी कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। जयपुर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगुवाई में आयोजित विरोध प्रदर्शन व मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी नेताओं के अनुसार यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के “अमर्यादित व्यवहार” के विरोध में निकाला गया। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने आयुक्तालय के पास बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब कुछ कार्यकर्ताओं ने अवरोधक फांदने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए पानी की बौछार की।

राहुल गांधी ने किया था पीएम आवास के सामने धरना-प्रदर्शन

मंगलवार को राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास, सात लोक कल्याण मार्ग का घेराव किया था। विपक्षी नेताओं ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थकों पर कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया था।

दोपहर में हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं को देर शाम रिहा कर दिया गया था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग करते हुए आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस उनके निर्देश पर कार्रवाई कर रही है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार देर शाम बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम समेत पार्टी के नेताओं ने भी पटना स्थित लोक भवन के सामने धरना दिया था।

आइसा का मार्च

वहीं, बिहार पुलिस ने बुधवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्र नेताओं के ‘लोक भवन मार्च’ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी छात्र छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) के बैनर तले एकत्र हुए थे। उन्हें राज्यपाल आवास से करीब तीन किलोमीटर दूर गांधी मैदान के पास पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

आइसा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ इस मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। सौरभ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा, ”हम मोदी सरकार को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। हमारी मांग है कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दमन के बाद न केवल धर्मेंद्र प्रधान बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस्तीफा दें क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उनके निर्देश पर कार्रवाई की थी।” पुलिस ने तत्काल यह पुष्टि नहीं की कि प्रदर्शन के सिलसिले में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया कि पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में चार, कनॉट प्लेस पुलिस थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशनों में भी एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट- पीटीआई-भाषा)