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बिहार चुनाव में चलेगा ‘मोदी का पैसा’- BJP बताएगी कि नीतीश के काम पर भारी केंद्र की योजनाएं

भाजपा नेताओं का मानना है कि बिहार में पार्टी की जीत राजनीतिक तौर पर पार्टी के तत्कालीक भविष्य और लंबे समय के लिए बेहद जरूरी है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र पटना | Updated: September 26, 2020 8:56 AM
PM Narendra Modi, CM Nitish Kumarपटना में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार सीएम नीतीश कुमार। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बार नीतीश के नेतृत्व में एनडीए का सीधा मुकाबला राजद और कांग्रेस के महागठबंधन से है। जहां विपक्ष इस वक्त नीतीश सरकार को चौथी बार सत्ता में आने से हर हाल में रोकना चाहता है, वहीं खुद एनडीए भी नीतीश के लगातार तीन बार सत्ता में रहने के बाद सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इनकंबेंसी) से डर रहा है। ऐसे में भाजपा अब केंद्र की अपनी रणनीतियों के सहारे ही बिहार में मजबूत प्रदर्शन दिखाने की कोशिश में है। बताया जा रहा है कि भाजपा इसके लिए ‘मोदी का पैसा’ नाम का कार्यक्रम शुरू कर सकती है, जिसके तहत उसके कार्यकर्ता केंद्र सरकार की ओर से बिहार में चलाई जा रही योजनाओं को नीतीश सरकार के काम के ऊपर पेश करेंगी।

गौरतलब है कि मौजूदा समय में एनडीए गठबंधन विपक्ष पर हावी दिख रहा है। इसके बावजूद भाजपा अपनी जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। बताया गया है कि पार्टी केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं का फायदा पाने वाले लोगों के वोट पाने की जुगत में है। ऐसे में ‘मोदी का पैसा’ कार्यक्रम के जरिए कार्यकर्ता उस ग्रामीण आबादी को अपनी तरफ करने की कोशिश में हैं, जिन्हें केंद्रीय स्कीम्स का फायदा हुआ है।

‘क्या है मोदी का पैसा जैसे कार्यक्रम शुरू करने की वजह’: गौरतलब है कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। हालांकि, पार्टी को राज्य में हुए 2015 के विधानसभा चुनाव में परेशानी का सामना करना पड़ा। कम से कम तीन भाजपा नेताओं का मानना है कि बिहार में पार्टी की जीत राजनीतिक तौर पर पार्टी के तत्कालीक भविष्य और लंबे समय के लिए बेहद जरूरी है। पार्टी के लिए बिहार में जीत अहम होगी, क्योंकि इसके जरिए ही विपक्ष को उसके कृषि विधेयकों के विरोध जैसे कदमों का जवाब दिया जा सकेगा। इसके अलावा पीएम मोदी की लोकप्रियता और सुधारवाद के एजेंडे के साथ भी पार्टी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

दो और मुद्दे करेंगे भाजपा की मदद: भाजपा को जीत दिलाने में जो दो अन्य मुद्दे अहम होंगे, उनमें से एक है अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का और दूसरा है राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे का। जहां नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने सुशांत की मौत को संवेदनात्मक मुद्दा बना दिया है, वहीं रघुवंश प्रसाद सिंह के मौत से कुछ दिन पहले ही राजद छोड़ने और नीतीश कुमार से राज्य के विकास के बारे में बात करने को भाजपा अच्छी तरह भुनाना चाहेगी। पीएम मोदी ने भी पिछले हफ्ते अपने एक भाषण में इसका जिक्र किया था।

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