दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समर्थकों ने प्रदर्शन किया, जिसमें देशभर से युवा शामिल हुए थे। उत्तराखंड भारतीय जनता युवा मोर्चा के संगठन से जुड़ी मनिका राणा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। वह नई टिहरी मंडल अध्यक्ष के पद पर थीं हालांकि अब उन्हें इस पद से हटा दिया गया है। इसलिए यह खबर आई की जंतर मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के कारण मनिका राणा को हटाया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद ही पार्टी से पद मुक्त करने की मांग की थी।

मैं अभी भी पार्टी का हिस्सा हूं- मनिका राणा

मनिका राणा ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “पार्टी से जो मेरे निष्कासन के बारे में खबरें चल रही है, वह गलत है। पार्टी से मेरा निष्कासन नहीं हुआ है बल्कि मुझे पदमुक्त किया गया है और यह अप्रैल मई में ही हो गया था, क्योंकि मैं अपने निजी कारणों की वजह से भी व्यस्त थी। मैं अभी भी पार्टी का हिस्सा हूं। मैं सिर्फ पदमुक्त हुई हूं और उसका जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से और उसमें मेरे शामिल होने से कोई लेना-देना नहीं है।”

मनिका राणा ने सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर कहा, “यह बहुत बड़ी विडंबना है कि 21वीं सदी में भी पेपर लीक हो रहे हैं। हम वह देश हैं जिन्होंने विश्व को नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय दिए, लेकिन आज के समय में पेपर लीक की घटना सामने आती है, तो बहुत दुख होता है क्योंकि पेपर लीक से बच्चे का कैरियर दांव पर लग जाता है और उसके बाद वह अपनी जान दे देते हैं, ये हमारी ही विफलता है।”

‘हमारी सभी मांगे पूरी हो गई है और हम बहुत खुश हैं’

मनिका राणा ने आगे कहा कि हमारी सभी मांगे पूरी हो गई है और हम बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी जान गंवाई, उनके माता-पिता भी वहां पर मौजूद थे। मनिका राणा ने कहा कि उनको एक मंच मिला और हम उनकी आवाज बन पाए, तो यह हमारे लिए काफी बड़ी जीत है। लेकिन हमें यहीं पर नहीं रुकना चाहिए।

मनिका राणा ने कहा कि बहुत सी चीज बाकी है, शिक्षा के क्षेत्र में, पर्यावरण के क्षेत्र में बहुत काम करना है और उसके लिए हमें ही आगे आना होगा क्योंकि हम युवा हैं और हम मिलकर देश और क्षेत्र के लिए अच्छा करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड से इस प्रदर्शन में बहुत से लोग गए थे लेकिन वह मेरे साथ नहीं थे, मैं अकेले ही गई थी।

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