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वाराणसी छावनी चुनाव: मोदी और राजनाथ के क्षेत्रों में हारे भाजपा समर्थित प्रत्याशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के चुनाव क्षेत्र लखनऊ में हुए छावनी परिषद के चुनावों में भाजपा को करारा झटका लगा है और इन दोनों ही स्थानों पर उसके समर्थित सभी प्रत्याशी हार गये। भाजपा ने इस पराजय को स्वीकार करते हुए हार के कारणों की समीक्षा करने […]

Author Updated: January 12, 2015 5:06 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के चुनाव क्षेत्र लखनऊ में हुए छावनी परिषद के चुनावों में भाजपा को करारा झटका लगा है और इन दोनों ही स्थानों पर उसके समर्थित सभी प्रत्याशी हार गये। भाजपा ने इस पराजय को स्वीकार करते हुए हार के कारणों की समीक्षा करने की बात कही है।

वाराणसी छावनी परिषद के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कल रात घोषित चुनाव परिणामों में सभी सातों वार्डों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी हार गये। सभी सीटों पर निर्दल प्रत्याशियों ने बाजी मारी। उन्होंने बताया कि इन चुनाव में कुल 36 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था और कल हुए मतदान में करीब 15 हजार मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

इधर, लखनऊ छावनी परिषद के सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने बोर्ड के सभी आठ वार्डों के चुनाव में एक-एक प्रत्याशी को समर्थन दिया था, लेकिन कल हुए चुनाव में उनमें से कोई भी जीत नहीं सका। उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या एक पर निर्दलीय प्रत्याशी जगदीश प्रसाद, वार्ड संख्या दो पर प्रमोद शर्मा, तीन पर रूपा देवी, चार पर स्वाती यादव, पांच पर अमित कुमार शुक्ला, छह पर अंजुम आरा, सात पर संजय कुमार वैश्य तथा वार्ड संख्या आठ पर रीना सिंघानिया निर्वाचित घोषित की गयीं।

इस बीच, भाजपा के प्रान्तीय अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने छावनी परिषद के चुनाव में पार्टी की हार पर कहा कि जहां भाजपा को अपना चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत दी गयी, वहां पार्टी ने बढ़त बनायी और वाराणसी, कानपुर, लखनऊ और फैजाबाद में उसे अपने चुनाव निशान का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया। इसी वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि वह छावनी परिषद चुनाव में पार्टी की हार को स्वीकार करते हैं और इसके कारणों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने भी कहा कि कुछ जगहों पर प्रशासनिक अवरोध के कारण भाजपा को अपना चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का मौका नहीं दिया गया, जिसका उसे नुकसान हुआ।

इस बीच, प्रदेश के विकलांग कल्याण मंत्री अम्बिका चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जो सपने दिखाये, उनकी सचाई पता लगने लगी है। भाजपा उपचुनाव में 11 में से नौ सीटों पर हारी। छावनी परिषद चुनाव में वाराणसी और लखनऊ में हार गये।

चौधरी ने कहा, ‘‘अब भाजपा की हार का सिलसिला शुरू हो गया है। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि आने वाले समय में भाजपा हर चुनाव हारेगी।’’

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