लखनऊ में बीते करीब 20 सालों बाद अब दूसरी बार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की याद में बड़ा स्मारक बनने वाला है। पहली बार यह स्मारक मायावती की सरकार के समय गोमती नगर में बनाया गया था, जबकि अब योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार ऐशबाग क्षेत्र में नया “भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल और कल्चरल सेंटर” बना रही है। इसका मकसद सिर्फ स्मारक बनाना नहीं बल्कि इसे एक ऐसा बड़ा सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र बनाना है, जहां लोग अंबेडकर के विचारों को जान सकें और उनके काम से जुड़ सकें।

यह स्मारक ईदगाह के सामने लगभग 5,500 वर्ग मीटर में बनाया जा रहा है। इसकी नींव 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रखी थी। शुरुआत में केवल स्मारक के लिए 45 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, लेकिन अब पूरे प्रोजेक्ट में ऑडिटोरियम, बाहरी सजावट और अन्य कामों के कारण लागत 100 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है।

नया स्मारक पहले वाले से अलग होगा

नया स्मारक पहले वाले से अलग होगा। यह सिर्फ एक जगह पर खड़ा स्मारक नहीं रहेगा, बल्कि इसमें गतिविधियों पर आधारित परिसर होगा। केंद्र में अंबेडकर की 25 फुट ऊंची मूर्ति लगेगी और उसके चारों ओर पूरे परिसर का विकास होगा। यहां तीन मंजिला प्रशासनिक भवन, 500 सीट का ऑडिटोरियम, रिसर्च सेंटर, लाइब्रेरी, पिक्चर गैलरी और शोधकर्ताओं के रहने की सुविधाएं होंगी।

निर्माण कई एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। स्ट्रक्चर का मुख्य काम लगभग पूरा हो चुका है और अब बाहरी सजावट और फिनिशिंग का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी काम समय पर पूरा होने के बाद जुलाई 2026 तक इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह स्मारक अहम है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह कदम भाजपा के लिए दलित समुदाय में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका देगा। 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की स्थिति कमजोर हुई थी, इसलिए अब सरकार अंबेडकर की विरासत को बढ़ावा देकर अपना सामाजिक गठबंधन मजबूत करना चाहती है।

उत्तर प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नया स्मारक तीन चरणों में बन रहा है और जुलाई तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह मौजूदा अंबेडकर पार्क से अलग होगा। यहां आधुनिक तकनीक जैसे ऑडियो-विजुअल और वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से अंबेडकर के विचारों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

पुराने अंबेडकर पार्क की तुलना में यह नया परिसर ज्यादा गतिविधियों और शिक्षा पर केंद्रित होगा। गोमती नगर के बीचोंबीच होने के कारण यह आसानी से लोगों के लिए सुलभ भी रहेगा।

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साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में भाजपा द्वारा दलित समुदायों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को घोषणा की कि प्रदेश की सरकार पूरे राज्य में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं पर सुरक्षात्मक छत्र स्थापित करेगी। दरअसल, गोरखपुर में BJP के ‘स्थापना दिवस’ पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेशभर में जहां कहीं भी संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा होगी, वहां पर प्रतिमा के ऊपर छत्र लगाने का कार्य किया जाएगा।” उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में पार्टी का झंडा भी फहराया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक