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पश्चिम बंगाल: भाजपा की धमकी- अगर टीमएसी ने हमला किया तो उसी के अंदाज में देंगे जवाब

दिलीप घोष ने कहा, ‘‘हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की कि हमारे उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकें। अब यह स्पष्ट है कि पंचायत चुनावों में केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं होगी। हमें सारी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार रहना होगा। हम आखिर तक लड़ेंगे।’’

Author कोलकाता | April 9, 2018 21:35 pm
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष। (फाइल फोटो)

भाजपा ने सोमवार को कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता पंचायत चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों पर हमले करते हैं तो उनके अंदाज में ही जवाब दिया जाएगा। पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ पंचायत चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव के दिन हिंसा करने की कोशिश करते हैं तो इसका उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया जाएगा। अगर वे हम पर बम और पिस्तौल से हमले करते हैं तो हम मिठाइयों की प्लेट से उनका अभिनंदन नहीं करेंगे।’’

घोष ने कहा, ‘‘हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की कि हमारे उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकें। अब यह स्पष्ट है कि पंचायत चुनावों में केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं होगी। हमें सारी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार रहना होगा। हम आखिर तक लड़ेंगे।’’ उच्चतम न्यायालय ने पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि बढ़ाने से इनकार किया और कहा कि वह चुनाव की प्रक्रिया में दखल नहीं देगा।

दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले पंचायत चुनाव के लिए दक्षिण 24 परगना जिले के उस्ती में नामांकन दाखिल करने के दौरान आज भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए सोमवार को आखिरी दिन था। पंचायत चुनाव एक, तीन और पांच मई को होना है। इससे पहले दिन में उच्चतम न्यायालय ने पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि बढ़ाने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो सकता है। न्यायालय ने यद्यपि सभी उम्मीदवारों को छूट दी कि वे राहत के लिए पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग से सम्पर्क कर सकते हैं।

भाजपा ने गत छह मार्च को उच्चतम न्यायालय से कहा था कि पश्चिम बंगाल में ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ हो रही है क्योंकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस बड़े पैमाने पर हिंसा में लिप्त है और उसके उम्मीदवारों को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं करने दे रही है। तृणमूल कांग्रेस ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। भाजपा, माकपा और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बैरूपुर, डायमंड हार्बर और भांगर…सभी दक्षिण 24 परगना जिले में हमला किया।

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