BJP offered CM post and Rajya Sabha seat alleges Pradyot Bikram Manikya DebBarma, chief Royal family of Tripura - त्रिपुरा राजघराने के मुखिया का आरोप- बीजेपी ने दिया था सीएम पद और राज्यसभा सीट का लालच - Jansatta
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त्रिपुरा राजघराने के मुखिया का आरोप- बीजेपी ने दिया था सीएम पद और राज्यसभा सीट का लालच

त्रिपुरा विधान सभा की 60 सीटों के लिए भाजपा ने 51 उम्मीदवार खड़े किए हैं जबकि सहयोगी दल आईपीएफटी के लिए सिर्फ नौ सीटें छोड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा त्रिपुरा चुनाव में पानी की तरह पैसा बहा रही है।

प्रद्योत ने इस बात पर खुशी जताई कि विपक्षी उन्हें इतने बड़े कद का नेता समझते हैं कि भाजपा में आने के लिए डोरे डाल रहे हैं। (फोटो- फेसबुक)

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में 18 फरवरी को वोटिंग होनी है लेकिन उससे पहले राज्य की सियासत गर्म है। मतदान से तीन दिन पहले त्रिपुरा राजघराने के मुखिया प्रद्योत माणिक्य देबवर्मा ने भाजपा पर साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाते हुए उन्हें लोभ के जाल में फांसने का आरोप लगाया है। न्यूज 18 इंडिया से खास बातचीत में प्रद्योत माणिक्य ने कहा कि उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री पद का लालच दिया गया था। इसके अलावा विपरीत परिस्थितियों में राज्यसभा सीट का भी लालच दिया गया था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। बता दें कि प्रद्योत त्रिपुरा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। प्रद्योत ने त्रिपुरा में भाजपा के चुनाव प्रभारी हिमंत बिस्वा पर आरोप लगाया कि पिछले साल उन्होंने दो बार संपर्क किया था और इस बारे में संकेत दिया लेकिन उन्होंने खुलकर बात नहीं की। बतौर प्रद्योत भाजपा के दूसरे कई नेता खुलकर पार्टी में आने की बात कह चुके हैं।

40 साल के प्रद्योत ने कहा कि वो कांग्रेस की विचारधारा से समझौता नहीं करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा से वो असहज महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में उधार के नेताओं और पैसे के बल पर राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि कुछ नेताओं को अचानक भाजपा की विचारधारा अच्छी लगने लगी है लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि 2019 में केंद्र से भाजपा की सत्ता उखड़ने के बाद उनका क्या हश्र होगा?

उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो कांग्रेस से छिटककर तृणमूल कांग्रेस में गए थे। अब वहां से छिटककर भाजपा की शरण में आए हैं। उन्होंने कहा कि जल्दी ही ये लोग भाजपा से भी छिटककर कांग्रेस की तरफ आने की सोच रहे हैं। गौरतलब है कि प्रद्योत का जन्म दिल्ली में हुआ है लेकिन वो अगरतल्ला में रहते हैं। वो ‘द नॉर्थईस्ट टुडे’ पत्रिका के संपादक भी हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ प्रद्योत बिक्रम देबबर्मा। (फोटो-फेसबुक)

बता दें कि त्रिपुरा विधान सभा की 60 सीटों के लिए भाजपा ने 51 उम्मीदवार खड़े किए हैं जबकि सहयोगी दल आईपीएफटी के लिए सिर्फ नौ सीटें छोड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा त्रिपुरा चुनाव में पानी की तरह पैसा बहा रही है। यह पैसा बाहर से आ रहा है जो देश के करदाताओं का है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन चुनावों में जितना पैसा त्रिपुरा में खर्च हुआ है, उससे ज्यादा सिर्फ इस चुनाव में खर्च किया जा रहा है। हालांकि, प्रद्योत ने इस बात पर खुशी जताई कि विपक्षी उन्हें इतने बड़े कद का नेता समझते हैं कि भाजपा में आने के लिए डोरे डाल रहे हैं।

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