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बंगाल जाने को लेकर BJP सांसद ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- ममता बनर्जी का न्योता न करें स्वीकार

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद स्वपन दास गुप्ता ने गुरुवार को पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर दावा किया है कि योजनाएं बहुत शुरुआती स्तर पर हैं और इसके संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय परिणामों का कोई ध्यान नहीं रखा गया है।

Author कोलकत्ता | Published on: September 19, 2019 6:37 PM
(फोटोः एएनआई)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार (18 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने नई दिल्ली पीएम आवास पहुंची थी। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने पीएम को मिठाई और कुर्ता भेट किया। और साथ में उन्हें बंगाल आने का निमंत्रण भी दिया। इस निमंत्रण के बाद भाजपा सांसद ने पत्र लिख पीएम मोदी से नहीं जाने की अपील की हैं।

पीएम को पश्चिम बंगाल का न्योता: पीएम से मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि मैंने प्रधान मंत्री से नवरात्रि पूजा के बाद बीरभूम जिले में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कोयला ब्लॉक देवचा पचामी के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अनुरोध किया है। यह परियोजना लगभग 12,000 करोड़ रुपये की है।

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भाजपा सांसद ने पत्र लिख किया ममता के न्योता का कटाक्ष: इस निमंत्रण का कटाक्ष करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद स्वपन दास गुप्ता ने गुरुवार को पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर दावा किया है कि योजनाएं बहुत शुरुआती स्तर पर हैं और इसके संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय परिणामों का कोई अध्ययन नहीं गया और नहीं ध्यान रखा गया है। पर्यावरण मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है। हम अनुरोध करते है कि पीएम मोदी इस न्योता ठुकरा दे।

आदिवासी समुदाय खुश नहीं: भाजपा सांसद ने कहा कि कोल ब्लॉक क्षेत्र आदिवासी बहुल है और वह संवेदनशील आदिवासियों द्वारा बसाया गया है कोयला माइनिग को लेकर वह समुदाय अपनी चिंता व्यक्त करा चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इसका परिणाम बहुत ही खराब रहा है।

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सांसद ने कहा पीएम की उपस्थिति गलत संदेश दे सकती है: स्वपन दास गुप्ता ने आगे अपने पत्र में लिखा कि, मुझे लगता है कि दुर्गा पूजा के बाद परियोजना के औपचारिक उद्घाटन में आपकी उपस्थिति गलत संकेत भेज सकती है। इस तरह के आयोजन में प्रधान मंत्री के शामिल होने का संकेत हो सकता है कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है और कोयला खनन को बहुत कम समय में चालू होने की संभावना है। दासगुप्ता ने अपने पत्र में बीरभूम में हुए राजनीतिक हिंस्सक घटनाओं के बारे में भी उल्लेख किया है।

पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने मुलाकात से पहले कहा था कि उनकी पीएम के साथ मुलकात एक शिष्टाचार मुलाकात है। और राज्य में रुके पड़े कुछ प्रोजेक्ट के लिए फंड की चर्चा करनी है। जों केंद्र सरकार राज्य सरकार को देती हैं।

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