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Gujarat: अतिक्रमण हटाने वाले IAS अधिकारी पर भड़के BJP सासंद, कहा- अंग्रेजों वाली मानसिकता है इसकी, आदिवासियों को नहीं करता पसंद

IAS अधिकारी से नाराज बीजेपी सांसद ने कहा कि गुप्ता उसकी ब्रिटिश मानसिकता है। उसे आदिवासी पसंद नहीं हैं। वह सोचता है कि स्टॉल और ठेले स्टैच्यू के आकर्षण को कम कर रहे हैं।

बीजेपी सांसद मनसुख वसावा फोटो सोर्स- फेसबुक

गुजरात (Gujarat) के भरुच से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनसुख वसावा ने एक वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी राजीव कुमार गुप्ता के खिलाफ नर्मदा जिले में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) के पास स्थानीय आदिवासियों द्वारा कथित तौर पर संचालित स्टॉल और ठेले हटाने के आदेश दिए जाने के बाद मोर्चा खोल दिया है। BJP सांसद ने आईएएस को ‘अंग्रेज’ (Britisher) बताते हुए कहा कि एयर कंडीशन कमरों में बैठने वाले गरीबों का दर्द नहीं समझते। मनसुख वसावा ने अपनी ही पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ, हमारी (भाजपा) सरकार गरीबों को रोजगार देने की बात करती है। दूसरी तरफ, कुछ आईएएस अधिकारी जो वातानुकूलित घरों में रहते हैं गरीब लोगों की दुर्दशा को नहीं जानते हैं।

क्या है मामला: गुजरात कैडर के 1986 बैच के अधिकारी राजीव कुमार गुप्ता, सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं और अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन और पर्यावरण) के रूप में भी कार्यरत हैं। उन्होंने बीजेपी सांसद के बयान के बाद कहा कि प्रतिदिन 30,000 से अधिक पर्यटक और करीब 4,000 वाहन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आ रहे हैं। इसके कारण पिछले कुछ महीनों से सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और भारी भीड़ से यातायात बाधित होना एक गंभीर मुद्दा बन गया है। गुप्ता ने आगे कहा कि केवडिया गांव और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बीच एक मुख्य सड़क के दोनों तरफ ट्रैफिक और भीड़ को समाप्त करने के लिए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था। जिसके चलते ठेले और दुकानों को हटाया गया।

राजीव कुमार पर भड़के BJP सांसद: IAS अधिकारी राजीव कुमार गुप्ता से नाराज बीजेपी सांसद मनसुख वसावा ने कहा कि गुप्ता के पास एक ब्रिटिश मानसिकता है। उन्हें आदिवासी पसंद नहीं हैं। वह सोचता है कि स्टॉल और ठेले स्टैच्यू के आकर्षण को कम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक अंग्रेज अधिकारी गुप्ता है, जो हर दिन नए नियम बना रहा है। उसे गरीब लोगों की आजीविका की परवाह नहीं है। बीजेपी सासंद ने कहा लोगों की दुकानें ठेले आदि हटाने से पहले उनको विश्वास में लेना चाहिए था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को कार्रवाई के दौरान लगभग 200 स्टॉल और ठेले हटाए गए।

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