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राजस्थान में फिर लगा मंत्रियों का दरबार, लोगों ने लगाई पानी की गुहार

प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते जगह जगह पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है। सुनवाई में ज्यादातर कार्यकर्ता पेयजल की समस्या को लेकर ही आए थे।

Author जयपुर | April 12, 2016 12:08 AM
भारतीय जनता पार्टी

राजस्थान में भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए जाने वाला मंत्रियों का सुनवाई कार्यक्रम सोमवार से फिर शुरू हो गया। प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर लगने वाला मंत्रियों का यह दरबार इस बार डेढ़ महीने के अंतराल पर शुरू हुआ है। पहले दिन तीन के बजाय दो मंत्रियों ने ही कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनी। प्रदेश के दूरदराज के इलाकों से आए कार्यकर्ताओं ने सबसे ज्यादा पेयजल को लेकर बिगड़ रहे हालातों से मंत्रियों को रूबरू करवाया।

राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं की सरकार के प्रति बढ़ती नाराजगी को दूर करने के लिए शुरू किया गया मंत्रियों का सुनवाई कार्यक्रम सोमवार को शुरू होने के साथ ही पार्टी मुख्यालय में रौनक हो गई। विधानसभा के बजट सत्र के कारण मंत्रियों का सुनवाई कार्यक्रम कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। पार्टी ने इसमें आने के लिए मंत्रियों के अलग अलग दिन तय कर रखे हैं। विधानसभा सत्र के बाद शुरू हुए इस सुनवाई कार्यक्रम में पहले दिन दो ही मंत्री पहुंचे। जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी जयपुर से बाहर होने के कारण सुनवाई में शामिल नहीं हो पाई। परिवहन राज्य मंत्री बाबूलाल वर्मा और राजस्व राज्य मंत्री अमराराम ने ही सोमवार को कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना।

जलदाय मंत्री के नहीं आने से कार्यकर्ताओं में भारी निराशा भी रही। प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते जगह जगह पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है। सुनवाई में ज्यादातर कार्यकर्ता पेयजल की समस्या को लेकर ही आए थे। मंत्रियों के सुनवाई कार्यक्रम में आये कई भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत रही कि उनकी पूर्व में बताई गई समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि नौकरशाह मंत्रियों की नहीं सुन रहे हैं। पार्षद संजय जांगिड ने कहा कि उन्होंने अपने वार्ड में पीने के पानी की समस्या सुनवाई कार्यक्रम में जून में ही बताई थी। तब मंत्रियों ने इसे हल करने का भरोसा दिया था। जांगिड सोमवार को भी अपने इलाके के नागरिकों के साथ भाजपा मुख्यालय शिकायत दर्ज करवाने गए थे। जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी के नहीं होने से उन्हें निराश होना पड़ा।

उनका कहना था कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनके इलाके की पेयजल समस्या एक साल में भी नहीं सुधरी है। इसके लिए संबंधित मंत्री ने सुनवाई कार्यक्रम में जून में ही उन्हें समाधान करने का वायदा किया था। उनका कहना था कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों की समस्या ही दस महीने में नहीं सुधरेगी तो फिर अफसरों से क्या उम्मीद की जा सकती है इसलिए सरकार को इस सुनवाई में आने वाली समस्याओं के प्रति गंभीरता बरतनी चाहिए।

सुनवाई में मौजूद दोनों मंत्रियों का दावा था कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान हो रहा है। प्रदेश के कार्यकर्ता सार्वजनिक समस्याओं को पार्टी दफतर में आकर सुलझा रहे है जिससे आम जनता को राहत मिल रही है। उनका कहना था कि मंत्रियों का सुनवाई कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश में भाजपा सरकार के मंत्रियों की कार्यशैली से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में नाराजगी को देखते हुए ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश पर ही यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। कार्यकर्ताओं की समस्याओं का पार्टी पूरा रेकॉर्ड रख रही है और उसका फॉलोअप भी किया जाता है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने मंत्रियों के साथ ही एक वरिष्ठ पदाधिकारी को भी सुनवाई के दौरान मौजूद रहने का निर्देश दिया है। इस कार्यक्रम में जिला और मंडल अध्यक्ष की सिफारिश लेकर आने वाले कार्यकर्ताओं की समस्याओं की सुनवाई मंत्री करते है।

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