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पुणे: भाजपा के पुराने गढ़ और प्रकाश जावड़ेकर की पुरानी सीट पर हारी पार्टी, पांच जिलों के वोटर्स ने बीजेपी को दी करारी शिकस्त

महाराष्ट्र में सत्ता में आने के एक साल बाद शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन को विधान परिषद चुनाव में बड़ी सफलता हासिल हुई है।

maharashtra election bjp in puneकेंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर। (पीटीआई)

महाराष्ट्र में भाजपा को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है और पार्टी को उस सीट पर भी करारी हार का सामना करना पड़ा जो कभी भगवा दल का गढ़ मानी जाती थी। चुनाव में पुणे ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) के अरुण लाल ने भाजपा के संग्राम देशमुख को 48 हजार वोटों के अंतर से शिकस्त दी। अरुण लाल को 1,22,145 वोट मिले जबकि देशमुख को 73,321 वोट मिले। बता दें ये निर्वाचन क्षेत्र पुणे, कोल्हापुर, सांगली, सतारा और सोलापुर जिलों के मतदाताओं से मिलकर बना है।

पुणे ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल करते थे। दोनों ही यहां से दो-दो बार निर्वाचित भी हुए। पिछले दो मौकों को छोड़कर ये निर्वाचन क्षेत्र पिछले कई सालों से भाजपा का गढ़ रहा है और पार्टी उम्मीदवार यहां से जीत दर्ज करते रहे हैं। पूर्व जेडीएस विधायक शरद पाटिल और एमएनएस उम्मीदवार रुपाली पाटिल भी यहां से चुनाव लड़ चुकी हैं। MVA के पाले गई ये सीट परंपरागत रूप से भाजपा का गढ़ रही है। इससे पहले जनता दल के उम्मीदवार ने पाटिल को इस सीट से हराया था।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में सत्ता में आने के एक साल बाद शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन को विधान परिषद चुनाव में बड़ी सफलता हासिल हुई। गठबंधन ने स्रातक तथा शिक्षक कोटे की विधान परिषद की पांच में से चार सीटें अपनी झोली में डाल लीं। पिछले साल राज्य के विधानसभा चुनाव में हार का स्वाद चखने वाली भाजपा को अपने गढ़ नागपुर में भी तगड़ा झटका लगा, जहां उसके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।

महाराष्ट्र के ऊपरी सदन विधान परिषद के लिए एक दिसंबर को द्वि-वार्षिक चुनाव हुए थे, जिसे शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के लिए अग्नि परीक्षा माना जा रहा था। इस साल जुलाई में पांच विधान पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते चुनाव नहीं हो पाए थे।

चुनाव में एनसीपी के सतीश चव्हाण ने औरंगाबाद संभाग के स्रातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शिरीष बोरलकर को मात दी। नागपुर संभाग की स्रातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के संदीप जोशी को हराया। इसी तरह अमरावती संभाग के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय किरन सरनाइक ने मौजूदा निर्दलीय एमएलसी तथा शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले श्रीकांत देशपांडे को हराया।

भाजपा को केवल धुले-नंदूरबार सीट पर जीत हासिल हुई है, जहां पार्टी उम्मीदवार अमरीश पटेल विजई हुए। यह सीट भाजपा के निवर्तमान विधान परिषद सदस्य अंबरीश पटेल के कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के चलते रिक्त हुई थी।

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