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राज्यसभा की सभी चारों सीटों पर जीत पक्की करने के लिए भाजपा ने होटल में बंद किए विधायक

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी का कहना है कि पार्टी विधायकों की कोई बाड़ाबंदी नहीं कर रही है। विधायकों को प्रशिक्षण देने के लिए ही तीन दिन तक एक साथ रहने का कार्यक्रम बनाया गया है।

भारतीय जनता पार्टी

राजस्थान से राज्यसभा की सभी चारों सीटों पर जीत पक्की करने के लिए भाजपा बुधवार से अपने विधायकों की बाड़ाबंदी करेगी। इन्हें इस जगह से सीधे ही मतदान वाले दिन 11 जून को विधानसभा ले जाया जाएगा। निर्दलीय के तौर पर मैदान में उतरे उद्योगपति और पूर्व सांसद कमल मोरारका ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। मोरारका को जीत के लिए पांच अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।

भाजपा अपने विधायकों में किसी भी तरह की टूट नहीं हो, इसलिए उन्हें तीन दिन तक यहां एक पांच सितारा होटल में तीन दिन तक रखेगी।
कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतरे कमल मोरारका ने भाजपा को अपने विधायकों की बाड़ाबंदी को मजबूर कर दिया है। प्रदेश भाजपा ने विधायकों को बुधवार सवेरे से यहां एक रिसोर्ट में पहुंचने का निर्देश दिया है। इसमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके मंत्री भी तीन दिन तक सभी विधायकों के साथ रहेंगे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी का कहना है कि पार्टी विधायकों की कोई बाड़ाबंदी नहीं कर रही है। विधायकों को प्रशिक्षण देने के लिए ही तीन दिन तक एक साथ रहने का कार्यक्रम बनाया गया है। भाजपा सभी चारों सीटों को जीतने के लिए पूरी सतर्कता बरत रही है। विधानसभा की संख्या बल के हिसाब से भाजपा के पास 164 विधायकों का आंकड़ा है जो चारों सीटें जीतने के लिए पूरा है। इसके बावजूद उसके विधायकों में कोई सेंध न लग पाए, इसलिए ही उसने विधायकों को चुनाव से तीन दिन पहले ही अपने कब्जे में रखने का फैसला किया है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर के अलावा हर्षवर्धन सिंह और रामकुमार वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है।

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बना कर यहां भेज दिया है। गोयल ने चुनाव की रणनीति को लेकर यहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और कुछ मंत्रियों के साथ मंत्रणा की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायकों को तीन दिन तक लगातार मतदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए डमी मतदान भी कराया जाएगा। इस दौरान की विधायकों को बताया जाएगा कि किस उम्मीदवार को किस नंबर पर वोट देना है। मतदान में गलती करने वाले विधायकों को सुधार की जानकारी दी जाएगी। भाजपा ने सतर्कता के तहत ही आरएसएस के प्रदेश पदाधिकारियों से भी सहयोग लिया है। पार्टी के करीब 60 संघनिष्ठ विधायकों का जिम्मा संघ को दिया गया है। प्रदेश में संघी विधायक अपनी सरकार की कार्यशैली से नाराज हैं। इस नाराजगी को दूर करने के लिए ही अब संघ की मदद ली जा रही है।

दूसरी ओर प्रतिपक्ष ने भी मोरारका के पक्ष में अपना अभियान तेज कर दिया है। मोरारका का मोर्चा संभालने वाले भाजपा खेमे में गये चार निर्दलीय विधायकों पर डोरे डाल रहे हैं। इसके अलावा भाजपा के नाखुश विधायकों की सूची बना कर उन्हें अपने खेमे से जोड़ने की कवायद की जा रही है। कमल मोरारका का कहना है कि विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट देंगे। उन्होंने भाजपा के इस आरोप को खारिज कर दिया कि चुनाव में प्रलोभन का सहारा लिया जा रहा है।

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