पश्चिम बंगाल में इन दिनों टीएमसी के भीतर कलह बढ़ती ही जा रही है। इस लेकर शुक्रवार को भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने टीएमसी को घेरा है। उन्होंने कहा कि अब टीएमसी में पार्टी का सिर्फ लोगो ही बचा है।
बंगाल में TMC के 58 विधायकों के बागी बनने के बाद अब लोकसभा के 28 में से 19 सांसद भी बागी हो चुके हैं, जिनमें सायोनी घोष और युसुफ पठान जैसे बड़े नाम शामिल है। इधर कल्याण बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी से अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है।
मां, माटी और मानुष तीनों को खो दिया- भाजपा नेता
न्यूज एजेंसी एएनआई के बात करती हुई लॉकेट चटर्जी ने कहा, “टीएमसी में कुछ नहीं बचा है, अब उनका निशान (लोगो) ही बचा है। उन्होंने मां, माटी और मानुष तीनों को खो दिया है। मां भी ममता बनर्जी के सिर से हाथ उठा ली हैं यानी मां के ऊपर इतना अत्याचार हुआ है कि वह भी उनके साथ नहीं है। उनके नीचे से माटी भी हट गया है और मानुष भी उससे दूर चले गए हैं। उनके कामों की जांच होनी चाहिए और उन्हें इसमें सहयोग करना चाहिए।”
अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग चुनाव के पहले बड़ी-बड़ी बात करते थे कहते थे कुछ होगा तो हम खुद का फांसी लगा लेंगे तो वो आवाज कहां हैं, अब उनका घमंड (Ego) कहां गया, जिन्होंने कहा था कि यदि वे दोषी पाए गए तो सजा कबूल कर लेंगे? अभिषेक बनर्जी को जांच में सहयोग करना चाहिए और जो भी सच है वह सामने आना चाहिए”
प्रतिनिधियों को भी उनकी राजनीति का एहसास हो गया- नलिन कोहली
इधर BJP नेता नलिन कोहली ने भी टीएमसी के अंदरूनी कलह पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि TMC एक बड़े संकट से गुजर रही है। पश्चिम बंगाल में, चुने गए 58 विधायकों ने एक अलग गुट बना लिया है। दिल्ली में, 28 में से 19 लोकसभा सांसदों ने एक अलग गुट बना लिया है। यह साफ है कि वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में काम नहीं करना चाहते और न ही उनके साथ रहना चाहते हैं। शायद चुने हुए प्रतिनिधि होने के नाते, उन्हें एहसास हो गया है कि बंगाल का माहौल ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और उनकी राजनीति के तरीके के पूरी तरह खिलाफ है, इनकी राजनीति को ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ कहा जाता है और जिसके बारे में अभिषेक बनर्जी ने पोस्ट भी किया था।”
आगे उन्होंने कहा, “कानूनी तौर पर, यह ध्यान रखना होगा कि 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा 52वां संवैधानिक संशोधन लाए जाने के बाद, संविधान में 10वीं अनुसूची जोड़ी गई थी, जो किसी पार्टी के चुने हुए सदस्यों के 2/3 हिस्से को अलग गुट बनाने की इजाजत देती है। इन गुटों को अपने कानूनी रास्ते खुद चुनने होंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार TMC का कांग्रेस में विलय होगा या नहीं, इस पर ममता बनर्जी ही जवाब दे सकती हैं।”
यह भी पढ़ें: ‘अभिषेक बनर्जी नहीं, सिर्फ ममता बनर्जी मेरी नेता’, शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ किया TMC में अपना स्टैंड
तृणमूल कांग्रेस सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी के संकटपूर्ण दौर में अपनी नेता ममता बनर्जी के प्रति पूरी निष्ठा जताई है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में मैं ममता बनर्जी के साथ था, साथ हूं और साथ रहूंगा। फिलहाल मेरा किसी और दिशा में जाने का कोई इरादा नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
