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राजस्थान: कांग्रेस की सेंधमारी से भाजपा सकते में

भाजपा नेताओं को कांग्रेस में लाने की पूरी रणनीति गहलोत ने तैयार की। गहलोत ने छह बार के विधायक घनश्याम तिवाड़ी को अपने पाले में ला खड़ा किया। प्रदेश के 12 निर्दलीय विधायकों को भी कांग्रेस से जोड़ कर उन्होंने विधानसभा में अपनी सरकार को बहुत मजबूत कर लिया।

Author March 29, 2019 2:48 AM
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

राजस्थान में कांग्रेस ने भाजपा के किले में ऐसी सेंधमारी की कि खांटी संघी नेता भगवा छोड़ कांग्रेस के रंग में रंग गए। भाजपा के दिग्गज नेता और आरएसएस के तृतीय वर्ष प्रशिक्षित स्वयंसेवक पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी अब कांग्रेसी हो गए। आपातकाल में जेल में रहे और कांग्रेस की तानाशाही के विरोध में जमकर हल्ला बोलने वाले तिवाड़ी के पाला बदल कांग्रेसी होने से सबसे ज्यादा चिंता संघ खेमे में है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की कार्यशैली के विरोध के कारण पहले उन्होंने भाजपा छोड़ी और अब लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में शामिल होना पड़ा है। कांग्रेस ने तिवाड़ी ही नहीं भाजपा के कई बड़े नेताओं को अपने पाले में ला खड़ा किया। इनमें जयपुर के मेयर विष्णु लाटा, जयपुर जिला प्रमुख मूलचंद मीणा और वसुंधरा सरकार में केबिनेट मंत्री रहे सुरेंद्र गोयल व पूर्व मंत्री जनार्दन सिंह गहलोत भी अब कांग्रेसी हो गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रदेश के 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 ने भी खुद को कांग्रेस से जोड़ लिया। प्रदेश में एक साथ इतने जनप्रतिनिधियों के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सकते में आ गया और उसने प्रदेश नेतृत्व से तमाम हालात की जानकारी मांगी है।

प्रदेश में दिसंबर में विधानसभा चुनाव की हार से उबरने की कोशिश में लगी भाजपा को यहां कई झटके एक साथ लगे हैं। विधानसभा चुनाव और उससे पहले से नाराज चल रहे नेताओं को भाजपा अपने साथ रखने में सफल नहीं हो पा रही है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में 13 निर्दलीय विधायकों ने जीत हासिल की थी। इनमें से ज्यादातर ऐसे थे जिन्होंने कांग्रेस और भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर चुनाव लड़ा था। इसके कारण प्रदेश में कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा नहीं पा सकी थी और उसे 200 में से 99 सीटें हासिल हुई थी। प्रदेश के जो निर्दलीय विधायक कांग्रेस से जुड़े हैं उनमें किशनगढ़ के सुरेश टांक, श्रीगंगानगर के राजकुमार गौड़, दूदू के बाबूलाल नागर, बस्सी के लक्ष्मण मीणा, सिरोही के संयम लोढ़ा, खंडेला के महादेव सिंह, बहरोड के बलजीत यादव, गंगापुर के रामकेश मीणा, शाहपुरा के आलोक बेनीवाल, मारवाड़ जंक्शन के खुशवीर सिंह जोजावर, थानागाजी के कांती मीणा और कुशलगढ़ की रमीला खाड़िया हैं। प्रदेश में एक साथ इतने बड़े नेताओं और विधायकों के कांग्रेस से जुड़ने में लोकसभा में पार्टी को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसान, बेरोजगार और मंहगाई जैसे मुददों पर कारगर तरीके से काम कर रही है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने किसानों की कर्जमाफी और बेरोजगारी भत्ते समेत कई अहम निर्णय किए हैं। भाजपा भावनात्मक मुददों को हवा दे रही है। जनता अब किसी तरह के बहकावे में आने वाली नहीं है। पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं और विधायकों को पूरा मान सम्मान मिलेगा।
-अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री राजस्थान

कांग्रेस विचारधारा और मुददों को लेकर चुनाव मैदान में है। प्रदेश में एक साथ इतने विधायकों और बड़े नेताओं के पार्टी के साथ जुड़ने से राजस्थान में कांग्रेस सभी 25 सीटें जीतने के लक्ष्य को हासिल करेगी। देश में अब बदलाव का दौर चल रहा है। – सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री

कांग्रेस से जुड़ने पर खुशी है। प्रदेश के विकास में गहलोत सरकार जिस ढंग से काम कर रही है, उससे आम जनता संतुष्ट है। आने वाले समय में राजस्थान में कांग्रेस को बड़ी सफलता मिलेगी। -संयम लोढ़ा, विधायक

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