पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर फोकस कर रही है। राज्य के ओबीसी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए बीजेपी ने बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है।

बीजेपी ने फाजिल्का जिले के अबोहर में सर्व समाज ओबीसी महासम्मेलन करके इस दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। ओबीसी महासम्मेलन में फाजिल्का, फिरोजपुर और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में आने वाले 10 से 15 विधानसभा क्षेत्रों से लोग आए। इन तीनों ही जिलों में ओबीसी मतदाताओं की संख्या काफी ज्यादा है।

सर्व समाज ओबीसी महासम्मेलन का आयोजन पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के गृह नगर अबोहर में किया जाना भी पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। जाखड़ कई बार अबोहर सीट से विधायक रहे हैं।

पंजाब में सक्रिय हैं नायब सिंह सैनी

बीजेपी ने पिछले कुछ महीनों में अपने बड़े ओबीसी चेहरे और पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पंजाब में सक्रिय किया है। ओबीसी महासम्मेलन में नायब सिंह सैनी, सुनील जाखड़ के साथ ही पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहे।

बीजेपी ने हरियाणा में ओबीसी बिरादरी से आने वाले कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज की भी पंजाब में ड्यूटी लगाई है। दोनों ही नेता इस इलाके में स्थानीय समुदायों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लगातार संपर्क में बने हुए हैं।

31-32% हैं ओबीसी मतदाता

2025 की मतदाता सूची के मुताबिक, पंजाब में लगभग 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। अनुमान है कि यहां लगभग 32% अनुसूचित जाति के और 31-32% ओबीसी समुदाय के मतदाता हैं। इससे पता चलता है कि राज्य में ओबीसी समुदाय भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

इस तरह, बीजेपी पंजाब में ओबीसी कार्ड खेलकर एक नया सामाजिक गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है। अगर पार्टी ओबीसी मतों में सेंधमारी करने में कामयाब रहती है तो उसे पंजाब में कुछ सीटों पर कामयाबी मिल सकती है।

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव होने हैं लेकिन आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में दावा किया था कि राज्य में इस साल नवंबर में भी विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं।

पंजाब में बीजेपी बड़ी राजनीतिक ताकत नहीं है। पहले वह शिरोमणि अकाली दल के सहयोगी के तौर पर सक्रिय थी। किसान आंदोलन के बाद जब अकाली दल अलग हो गया तो पार्टी ने खुद के दम पर अपनी जमीन बनानी शुरू की है।

अकेले चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान

इस बीच, पार्टी ने फैसला किया है कि वह पंजाब में सभी 117 सीटों पर अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी हालांकि पार्टी ने इसका संकेत पहले भी दिया था लेकिन बीते दिन दिल्ली में हुई अहम बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगा दी गई। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पार्टी के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी मौजूद रहे।

बैठक में अमित शाह ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे पंजाब में लोगों तक पहुंचने के लिए जमीन पर काम करें। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नितिन 20 से 22 जून तक पंजाब के दौरे पर रहेंगे। हाल ही में पार्टी ने जट सिख समुदाय से आने वाले केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।

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