UP Politics: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अब एक साल का वक्त भी नहीं बचा है। ऐसे में पार्टी ने अपने वोट बैंक को विस्तार देने के आधार पर काम करना शुरू कर दिया है। इसका संकेत मेरठ से मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट बहुल क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तहत बीजेपी आक्रामक मोड में आ गई है।
22 फरवरी को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है और बीजेपी जाट वोट बैंक के विस्तार के लिए इसे एक अहम मौके के तौर पर देख रही है। जानकारी के वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले विकास परियोजनाओं के उद्घाटन को आधार बनाकर भाजपा इस सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश करेगी।
जाट वोट बैंक को साधने की कोशिश
किसान आंदोलन के बाद भाजपा से दूर हुए जाट मतदाताओं को पुनः साधने की कोशिश भी इस रैली का प्रमुख मकसद माना जा रहा है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम को महज औपचारिकता नहीं माना जा रहा।
पार्टी गिनाएगी अपनी उपलब्धियां
बीजेपी मेट्रो और नमो भारत परियोजना को ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धि के रूप में रेखांकित कर रही है और इसे व्यापक मतदाता वर्ग तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार आयोजन को चुनावी शक्ति-प्रदर्शन का रूप देने की तैयारी की जा रही है।
बीजेपी द्वारा विकास, रोजगार और संगठित पूर्वीवाद को अभियान का आधार बनाया गया है ताकि मेरठ से दिया गया संदेश प्रदेश के अन्य हिस्सों तक भी प्रभावी ढंग से पहुंचे और पार्टी के वोट बैंक का विस्तार हो।
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शनिवार को प्रस्तावित दौरे को लेकर यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था लागू की है। यीडा के सेक्टर-28 स्थित इंडिया एक्सपो प्राइवेट लिमिटेड के कार्यक्रम को लेकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे और दिल्ली सीमा से जुड़े मार्गों पर मार्ग परिवर्तन व्यवस्था लागू रहेगी। यह भी पढ़िए…
