बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राजभवन तक मार्च करने का ऐलान किया है। वहीं, तेजस्वी के इस कदम पर बीजेपी ने करारा हमला किया है। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव को झारखंड में छात्रों के समर्थन में पदयात्रा करनी चाहिए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर जाकर वहां मार्च निकालना चाहिए। वहां छात्र पिछले दो हफ़्तों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वहां भी पेपर लीक हुआ था। सरावगी ने कहा कि कांग्रेस और तेजस्वी यादव को झारखंड में मार्च निकालना चाहिए और मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करना चाहिए। उन्हें जंतर-मंतर तो दिखता है, लेकिन रांची नहीं दिखती। पेपर लीक कैसे हुआ?

विपक्षी दलों का आरोप है कि छात्र आंदोलन के दौरान बिहार में पुलिस की तरफ से AK 47 का इस्तेमाल किया गया था। जिसके खिलाफ राजद बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। इसके लिए महागठबंधन के सभी नेताओं से 19 अगस्त को बिहार आने की अपील की गई है।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “कोई ऐसी परीक्षा या फिर कोई ऐसी बहाली नहीं होती है जब पेपर लीक न होता हो। चाहे 10वीं की परीक्षा हो, 12वीं की परीक्षा या फिर कोई बहाली की परीक्षा हो, हर बार पेपर लीक हो जा रहा है और कभी भी निष्पक्ष चयन नहीं हो पाया है। बिहार शिक्षा के मामले में सबसे फिसड्डी राज्य है। सिवान में जो घटना घटी, वो आपने देखा होगा। AK47 चलाया गया।”

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि छात्र अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं और उन पर गोलियां चलाई जा रही है। किसने गोली चलाने का यह आदेश दिया? इसको लेकर दिल्ली में हम सभी ने तय किया कि 19 अगस्त को मार्च करेंगे और गवर्नर को अपनी बात बताएंगे। इससे पहले भी हम लोगों की DGP से मुलाकात हुई थी। पहले भी हम लोगों ने सरकार से पूछा था कि इसका जिम्मेवार कौन है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसमें सिर्फ एक सिपाही को बर्खास्त किया गया है लेकिन अभी तक न तो SP का निलंबन हुआ है और न ही कोई बड़ी कार्रवाई हुई है। 19 तारीख को हम लोग राजभवन तक मार्च करेंगे।

परिवार से दूर, राजनीतिक रूप से कमजोर… कब खत्म होंगी तेज प्रताप यादव की मुश्किलें?

लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का चेहरा रहे तेज प्रताप यादव राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ चुके हैं। पहले तेज प्रताप यादव आरजेडी से निकल गए और उसके बाद बीते 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी खुद की सीट हार गए। हालांकि तेज प्रताप अपनी राजनीतिक पहचान वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने खुद को बिज़ी रखने के तरीके ढूंढ लिए हैं। सोशल मीडिया पर रेगुलर मौजूदगी बनाए रखने से लेकर रियलिटी टीवी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में काम करने तक वह सक्रिय हैं। पढ़ें पूरी खबर।