बिहार की बांकीपुर विधानसभा का उपचुनाव चर्चा में बना हुआ है। यहां से पांच बार के विधायक रहे नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 2025 में नितिन नवीन बांकीपुर से विधानसभा चुनाव जीते थे। हालांकि बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया, जिसकी वजह से उन्हें विधायकी से इस्तीफा देना पड़ा। महागठबंधन ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है जबकि जन सुराज ने प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाया है। प्रशांत किशोर के मैदान में आने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। बांकीपुर विधानसभा भाजपा का अभेद्य किला माना जाता है।
इस सीट से विधायक बनने वाले दो नेता बन चुके हैं मुख्यमंत्री
बिहार में अब तक कायस्थ समाज से आने वाले दो नेता मुख्यमंत्री बने हैं। दोनों ही नेता बांकीपुर विधानसभा सीट से चुने गए थे। कृष्ण बल्लभ सहाय और महामाया प्रसाद सिन्हा बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ठाकुर प्रसाद और नवीन किशोर सिन्हा जैसे दिग्गज नेता भी यहां से विधायक रह चुके हैं। नितिन नवीन, नवीन किशोर सिन्हा के ही बेटे हैं। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी 1995 से लगातार जीत रही है।
कौन सा दल कितनी बार जीता?
बांकीपुर विधानसभा सीट पहले पटना वेस्ट के नाम से जानी जाती थी। हालांकि 2008 में परिसीमन के बाद पटना वेस्ट का नाम बदलकर बांकीपुर कर दिया गया। आजादी के बाद अब तक पटना वेस्ट पर 14 बार और बांकीपुर सीट पर कुल 4 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।
जब पटना वेस्ट के नाम से यह सीट जानी जाती थी, तब तीन बार कांग्रेस, दो बार लेफ्ट, एक-एक बार जन क्रांति दल और जनता पार्टी, 2 बार निर्दलीय और पांच बार बीजेपी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं परिसीमन के बाद बांकीपुर विधानसभा बनने पर यहां पर चार बार चुनाव हुए और चारों ही बार बीजेपी ने जीत दर्ज की। यानी इस सीट से कुल नौ बार भाजपा जीत चुकी है।
1995 से 2025 तक भाजपा पिता-पुत्र का दबदबा
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से लगातार भाजपा जीत रही है। 1995, 2000, 2005 फरवरी और 2005 अक्टूबर के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर नवीन प्रसाद सिन्हा ने जीत दर्ज की थी। 2006 में नवीन सिन्हा का निधन हो गया और उसके बाद उनके बेटे नितिन नवीन को यहां से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया। तब से लगातार बीजेपी के नितिन नवीन यहां से चुनाव जीत रहे हैं।
2025 के विधानसभा चुनाव में बांकीपुर से नितिन नवीन ने 50 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी। बीजेपी के लिए सबसे अहम ये हैं कि यहां पर बीजेपी को पिछले 6 चुनावों से 60 फीसदी से अधिक वोट मिल रहे हैं।
प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से दिलचस्प हुआ मुकाबला
2025 के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ी थी। जन सुराज को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। 2025 में जब प्रशांत किशोर ने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा, तब उनकी काफी आलोचना हुई थी। हालांकि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर खुद अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर मैदान में हैं।
चर्चा है कि महागठबंधन प्रशांत किशोर को समर्थन दे सकता है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल ने महिला नेत्री वीणा मानवी को उम्मीदवार बनाया है। वह यहां पर एक संगठन के जरिए महिलाओं के लिए काम करती हैं।
क्या है जातीय समीकरण?
अगर हम बांकीपुर के जातीय समीकरण की बात करें तो यहां पर कायस्थ अच्छी संख्या में हैं। बांकीपुर शहरी विधानसभा सीट है। बांकीपुर में कायस्थों की आबादी करीब 15 फीसदी है, जबकि अन्य सामान्य वर्ग की आबादी 20 फीसदी है। इसके अलावा 10 फीसदी यादव और 10 फीसदी मुस्लिम आबादी है। सामान्य वर्ग, ईबीसी और और गैर-यादव ओबीसी आबादी का इस सीट पर बहुमत है इसलिए यह सीट भाजपा का मजबूत किला मानी जाती है।
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