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कमल खिलाने को शुरू हुआ मंथन, विस में 60 सीट जीतने का दावा

दिल्ली की लोकसभा सीट के चुनाव परिणाम में दिल्ली भाजपा ने लाखों वोट के अंतर से जीत दर्ज कराई है। यह जीत सभी सातों सीट पर रही है। इन चुनावों में जो ताजा समीकरण सामने आए हैं उनमें भाजपा ने 70 विधानसभाओं के हिसाब से कांग्रेस के अधिक सीट पर सीधी टक्कर दी है।

Author नई दिल्ली | Published on: June 2, 2019 5:30 AM
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पंकज रोहिला 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ने के बाद देश व दिल्ली में भाजपा की पकड़ और मजबूत हुई है। यह मजबूती आने वाले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दे इसके लिए अभी से मंत्रणा शुरू हो गई है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि इस बार नए चेहरों को विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा जाए, तो पार्टी को अधिक लाभ होगा। इस मॉडल को भाजपा ने दिल्ली, छत्तीसगढ़, बिहार, नागपुर समेत अन्य कई राज्यों में लागू किया था। यह मॉडल सफल रहा है और गंभीर संकट के बाद भी भाजपा ने इन क्षेत्रों में कब्जा जमाया है।
दिल्ली की सत्ता पाने के लिए भाजपा लगातार 20 सालों से कोशिश कर रही है। इन सालों में लगातार पार्टी के विधायकों की संख्या में कमी आई है। इस कमी को ही पार्टी के पुराने नेताओं की लोकप्रियता का आधार माना जा रहा है। पार्टी के नेता यह भी मानते हैं कि नए चेहरों के उतारने से दो स्तरीय लाभ पार्टी को मिलेगा। नए चेहरे अधिक जोश के साथ मैदान में आएंगे और पुराने चेहरों को लेकर पार्टी में अंदरूनी घमासान समाप्त हो जाएगा।

20 साल से बहुमत के इंतजार में भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के कार्यकाल के बाद से ही दिल्ली में भाजपा सत्ता के लिए इंतजार कर रही है। मदनलाल खुराना, मोती नगर विधानसभा सीट से चुनकर आए थे और 1993 में दिल्ली में मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद साहिब सिंह वर्मा व सुषमा स्वराज भी दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद से ही पार्टी दिल्ली की सत्ता से बाहर है। 15 साल तक दिल्ली में कांग्रेस का राज रहा और शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। वर्तमान में आम आदमी पार्टी सरकार में है। ‘आप’ ने 67 सीट के प्रचंड बहुमत के बाद दिल्ली में सरकार बनाई है और 2020 में इस सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

विस में 60 सीट जीतने का दावा
दिल्ली की लोकसभा सीट के चुनाव परिणाम में दिल्ली भाजपा ने लाखों वोट के अंतर से जीत दर्ज कराई है। यह जीत सभी सातों सीट पर रही है। इन चुनावों में जो ताजा समीकरण सामने आए हैं उनमें भाजपा ने 70 विधानसभाओं के हिसाब से कांग्रेस के अधिक सीट पर सीधी टक्कर दी है। जबकि आम आदमी पार्टी विधानसभा के वोटों के हिसाब से तीसरे नंबर पर रही है। इस आंकड़ों के अनुमान पर ही भाजपा इस बार फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव में करीब 60 सीट तक जीतने का दावा कर रही है।

भाजपा को कहां मिले हैं कितने वोट

लोकसभा  – कुल वोट –  वोट फीसद
’चांदनी चौक- 980 – 390 – 52.94
’पूर्वी दिल्ली- 1257- 821 – 55.35
’नई दिल्ली- 920- 541 – 54.41
’उत्तर पूर्व- 1461- 475 – 53.9
’उत्तर पश्चिम- 1402- 962 – 60.49
’दक्षिणी दिल्ली- 1214- 222 – 56.58
’पश्चिमी दिल्ली- 1441- 601 – 60.05

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