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‘टीवी पर मेक इन इंडिया लेकिन चीन से खुद सामान खरीदना’, सरदार पटेल की मूर्ति के मेड इन चाइना पर आक्रामक हुई कांग्रेस

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत की संप्रभुता और अखंडता के प्रतीक हैं। मगर भाजपा सरकार ने उनकी प्रतिमा को 'चीन द्वारा निर्मित' कराने का विकल्प चुना है।

congress, bjp govtकांग्रेस ने सरदार पटेल की मूर्ति के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। (PTI)

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मंगलवार (30 जून, 2020) को ट्वीट कर कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत की संप्रभुता और अखंडता के प्रतीक हैं। मगर भाजपा सरकार ने उनकी प्रतिमा को ‘चीन द्वारा निर्मित’ कराने का विकल्प चुना है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक पटेल की प्रतिमा निर्माण के लिए 553 बड़े आकार के कांसे के बोर्ड चीन से लिए गए। उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ”टीवी पर मेक इन इंडिया और वास्तव में चीन से सामान खरीदने वाली नीति।’

कांग्रेस प्रवक्ता ने इससे पहले ट्वीट कर कहा कि 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के साथ भाजपा सरकार को और भी जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले 58 साल के सबसे कम रक्षा बजट का आवंटन बढ़ाया जाना चाहिए। इसके बाद माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स की पुन: बहाली होनी चाहिए, जिसका निर्माण यूपीए द्वारा सीमा पर गश्त के लिए किया गया था लेकिन भाजपा सरकार ने फंड की कमी बताकर इसे बंद कर दिया था। वहीं पीएम केयर फंड में चीन की ओर से मिले दान को वापस किया जाना चाहिए, ताकि उनका हम पर कोई अहसान ना रहे।

Chinese Apps Banned in India Live Updates

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पिछले कुछ वर्षों में चीन से आयात बढ़ने को लेकर मंगलवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ की बात होती है, लेकिन ‘बाय फ्राम चाइना’ (चीन से खरीदने) पर अमल किया जाता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘तथ्य झूठ नहीं बोलते। भाजपा कहती है ‘मेक इन इंडिया’ और करती है ‘बाय फ्राम चाइना’।’ कांग्रेस नेता ने मनमोहन सिंह सरकार के समय भारत के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी घटने और नरेंद्र मोदी सरकार में चीन की हिस्सेदारी कथित तौर पर बढ़ने से जुड़ा एक ग्राफ भी शेयर किया।

उल्लेखनीय है कि भारत-चीन सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए चीनी ऐप सहित 59 ऐप पर बैन लगा दिया। इनमें काफी प्रचलित टिक टॉक और यूसी ब्राउजर भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिहाज से नुकसानदेह हैं। इस बीच, टिक टॉक ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटा लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि टिकटॉक ने खुद इन ऐप स्टोर से ऐप को हटाया है।

गौरतलब है कि इन दिनों लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा है। गत 15-16 जून की रात दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीनी पक्ष को भी नुकसान उठाना पड़ा था। (एजेंसी इनपुट)

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