गुजरात में 26 अप्रैल को नगर निगम चुनाव होना है। इस चुनाव से पहले बीते सोमवार को भावनगर में एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। दरअसल भावनगर में सोमवार में बीजेपी की एक पूर्व पार्षद कांग्रेस में शामिल तो हुई लेकिन कुछ ही घंटों में वह ‘भगवा खेमे’ में वापस आ गई।
कांग्रेस में शामिल होते समय बीजेपी की पूर्व पार्षद सेजल गोहेल (30 साल) ने आरोप लगाया था कि वह पार्षद होने के बाद भी बीजेपी में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं। मीडिया से बात करते हुए सेजल ने भावनगर में अवैध शराब बेचने वालों से खतरे का मुद्दा भी उठाया।
दलित समुदाय से संबंध रखने वाली सेजल 12वीं पास हैं। वह भावनगर नगर निगम में साल 2021 से 2026 के बीच वार्ड नंबर तीन से बीजेपी की पार्षद रहीं। कांग्रेस से कुछ घंटों में बीजेपी में वापस आने के बाद सेजल ने कहा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने उन्हें बहका दिया था।
सेजल बोलीं- कांग्रेस नेताओं ने बहका दिया था
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सेजल ने कहा, “मैं कांग्रेस के कुछ नेताओं के बहकावे में आ गई थी और मुझसे यह गलती हो गई। मैंने यह सब उनके प्रभाव में आकर किया था। लेकिन जब मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो मैं पार्टी में वापस लौट आई।”
जब उनसे उन कांग्रेस नेताओं के बारे में सवाल किया, जिन पर वह बहकाने का आरोप लगा रही हैं तो सेजल ने कहा कि वह उनके नाम नहीं जानतीं। हालांकि कांग्रेस की तरफ से उनके इस आरोप को सिरे से नकार दिया गया।
कांग्रेस बोली- तीन-चार महीने से हमारे संपर्क में थी
भावनगर में कांग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष मनोहर सिंह गोहिल ने कहा, “वह अपनी मर्जी से हमारे पास आई थी। पिछले 3-4 महीनों से वह हमारे संपर्क में थी। हमने उसे कभी नहीं बुलाया। कल वह हमारे दो वार्ड नेताओं के साथ मेरे पास आई। मैंने उससे कहा कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकती है, लेकिन हम उसे कोई भी वादा (पार्टी टिकट देने का वादा भी शामिल) नहीं कर पाएंगे।”
मनोहर सिंह गोहिल ने आगे कहा कि सेजल ने यह खुद स्वीकार किया था कि कांग्रेस में शामिल होने की उनकी वजह सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा, “हमने कभी उससे नहीं कहा कि मीडिया में क्या बोलना है। हमने इसके बाद से कभी उसे कॉल करने की भी कोशिश नहीं की। उस पर क्या प्रेशर डाला गया, यह सिर्फ वही जानती होगी।”
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