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बीजेपी के मंच पर भिड़ गईं 3 महिला पार्षद और उनके पति, भाषण दिए बिना लौटे पूर्व अध्यक्ष

दिल्ली भाजपा में स्थानीय नेताओं की आपसी गुटबाजी से जनता के सामने पार्टी को किरकिरी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। किराड़ी की एक सभा में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को बिना बोले ही मंच से वापस लौटना पड़ा।

Author दिल्ली | Updated: September 23, 2019 9:00 AM
दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय (फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

दिल्ली प्रदेश भाजपा में स्थानीय नेताओं की आपसी गुटबाजी और टकराव से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जनता के सामने शर्मशार होना पड़ रहा है। इससे पार्टी के अंदर अनुशासन की भी पोल खुल रही है। किराड़ी में शनिवार को ऐसी ही एक घटना में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को बिना बोले ही मंच छोड़कर जाना पड़ा। हालांकि पार्टी नेताओं ने इसकी शिकायत शीर्ष नेतृत्व से की है। खास बात यह है कि कुछ महीने बाद ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाला है।

स्वागत को लेकर हुआ बखेड़ा : दिल्ली के किराड़ी क्षेत्र के निहाल विहार में पार्टी की ओर से एक सभा का आयोजन किया गया था। इसमें दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को बोलना था। सभा शुरू होने पर मंच पर मुबारक डबास की पार्षद और पार्टी की महिला मोर्चे की अध्यक्ष पूनम और उनके पति व किराड़ी से बीजेपी के पूर्व विधायक अनिल झा सतीश उपाध्याय का स्वागत करने के लिए उठे तो किराड़ी सुलेमान नगर की पार्षद उर्मिला चौधरी, निठारी की पार्षद सोना चौधरी और उनके पति पूर्व जिला महामंत्री रंजीत चौधरी ने उन्हें रोक दिया। इसको लेकर वहां कहासुनी होने लगी। बात बढ़ी तो मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया।

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कपड़े फाड़ने और बाल खींचने का लगा आरोप : पूर्व विधायक अनिल झा ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। आरोप है कि उनके कपड़े और बाल तक खींचे गए। इसके बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय बिना संबोधित किए मंच से चले गए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से शिकायत की बात कही।

चेहरा दिखाने की होड़ में बिगड़ रहा मामला : पार्टी सूत्रों का कहना है कि जब भी कोई बड़ी सभा, रैली या कार्यक्रम होता है तो बड़े नेताओं और पदाधिकारियों के सामने चेहरा दिखाने और अपनी राजनीति चमकाने के लिए स्थानीय नेताओं में होड़ मच जाती है। इसी को लेकर अक्सर टकराव की नौबत आती है। इससे पार्टी में गुटबाजी को भी बढ़ावा मिलता है। कुछ महीने बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके चलते हर नेता अपने को खास दिखाने की कोशिश में जुटा रहता है।

आरोपी पार्षदों को जारी होगा नोटिस : आरोपी पार्षदों को जारी होगा नोटिस घटना को लेकर उन्होंने प्रेम नगर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। पार्टी के मीडिया प्रमुख प्रत्युष कंठ ने कहा कि मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में है। जल्दी ही आरोप पार्षदों और व्यवधान खड़ा करने वाले लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा।

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