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गोरखपुर उपचुनाव: बीजेपी उम्‍मीदवार बोले- मैं योगी जी के बागीचे का माली बनकर रहूंगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर से उपचुनाव के लिए बीजेपी की तरफ उम्मीदवार बनाए जाने पर उपेंद्र शुक्ला ने अपने जज्बात बयां किए हैं। उन्होंने कहा- ''योगी जी ने जो विकास का बगीचा लगाया है यहां, उसमें मैं माली बन के...

गोरखपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी के उम्मीदवार उपेंद्र शुक्ला। (फोटो सोर्स- फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर से उपचुनाव के लिए बीजेपी की तरफ उम्मीदवार बनाए जाने पर उपेंद्र शुक्ला ने अपने जज्बात बयां किए हैं। उन्होंने कहा- ”योगी जी ने जो विकास का बगीचा लगाया है यहां, उसमें मैं माली बन के सींचने का काम करूंगा।” गोरखपुर में 11 मार्च को उपचुनाव होना है। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से पांच बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। उपेंद्र शुक्ला को योगी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन उन्होंने योगी के बगीचे का माली बनने की बात कहकर उत्तराधिकारी होने की अटकलों को खारिज कर दिया। शुक्ला ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया- ”मैं योगी जी का उत्तराधिकारी नहीं हूं, मैं सिर्फ उनका प्रतिनिधि हूं।” उपेंद्र शुक्ला तीन दशकों में पहले ऐसे उम्मीदवार हैं जिनका ताल्लुक गोरखनाथ मंदिर से नहीं है। शुक्ला ने सोमवार (26 फरवरी) को कहा कि जब मुख्यमंत्री ने बीजेपी के लिए उनके योगदान को याद किया और कहा कि आदित्यनाथ की तुलना में उनकी जीत एक बड़े अंतर से होनी चाहिए, तब मंच पर उनके आंसू निकल आए थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद से गोरखपुर की सीट खाली पड़ी थी, इसलिए यहां उपचुनाव कराना जरूरी था। योगी आदित्यनाथ और उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ 1989 से इस सीट पर रहे। आदित्यनाथ ने 2014 के लोकसभा में तीन लाख से ज्यादा मतों के अंतर से चुनाव जीता था। योगी ने शुक्ला के लिए सोमवार और मंगलवार को चुनावी कैंपेन में हिस्सा भी लिया। शुक्ला गोरखपुर मंडल के बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रैली में कहा कि शुक्ला को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए पार्टी ने टिकट दिया।

योगी ने कहा- ”वह मुझसे 1996 से मिल रहे हैं, लेकिन कभी टिकट के लिए नहीं पूछा। उन्होंने केवल मेरे साथ संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की। इस उपचुनाव के लिए उन्हें जो टिकट मिला है वह उनके पार्टी के साथ प्रशंसा और अपमान की घड़ी में समर्पित रहने के लिए पुरस्कार स्वरूप मिला है।” शुक्ला ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के सांसद रहते हुए और पिछले 11 महीने से मुख्यमंत्री रहते हुए किए गए विकास कार्यों की वजह उन्हें मिलने वाली जीत की भी बड़ी वजह होगी। इलाके में 2 मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और 3 मार्च को कांग्रेस नेता राज बब्बर चुनावी कैंपेन करेंगे।

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