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भाजपा ने कहा- कश्मीर में प्रभावित हो रहा पर्यटन, महबूबा सरकार अलगाववादियों के प्रति नीति बदले

महबूबा मुफ्ती सरकार से अलगाववादियों के प्रति नरम नीति की समीक्षा करने की मांग करते हुए भाजपा ने कहा कि इसके कारण कश्मीर में कारोबार और पर्यटन प्रभावित हो रहा है।
Author जम्मू | June 9, 2016 00:48 am
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (पीटीआई फोटो)

महबूबा मुफ्ती सरकार से अलगाववादियों के प्रति नरम नीति की समीक्षा करने की मांग करते हुए भाजपा ने कहा कि इसके कारण कश्मीर में कारोबार और पर्यटन प्रभावित हो रहा है। साथ ही कहा कि अलगाववादियों को दी गई सुरक्षा वापस ली जाए और उन्हें जेल में बंद किया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की कि आतंकी संगठनों के जाल में फंसने से युवाओं को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत विरोधी गतिविधियों के बावजूद अलगावादी विशेष सुविधा का लाभ उठा रहे हैं जिसमें राज्य सरकार से प्राप्त सुरक्षा शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार को अलगाववादियों के प्रति नीति में संशोधन करना चाहिए। सरकार को अलगाववादियों को दी गई सुरक्षा को वापस लेना चाहिए और उन्हें जनसुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत असामाजिक गतिविधियों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए जेल में बंद करना चाहिए।

कश्मीर घाटी में पाकिस्तानी और आइएस का झंडा फहराए जाने और हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए गुप्ता ने कहा कि ये सभी घटनाएं अलगाववादियों की शह पर हो रही हैं। गुप्ता ने कहा कि हाल में एक अलगाववादी नेता ने अपने समर्थकों के साथ एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मार दिया था जो अपनी ड्यूटी निभा रहा था। उन्होंने कहा कि अलगाववादियों के प्रति नरम नीति ने एक ओर भारत विरोधी ताकतों और असामाजिक तत्त्वों को प्रोत्साहित किया है तो दूसरी ओर सुरक्षा बलों व लोगों को हतोत्साहित करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि अलगाववादियों के प्रति नरम नीति सुरक्षा बलों को हतोत्साहित कर रही है जो आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए लड़ रहे हैं और जान कुर्बान कर रहे हैं। ये अलगाववादी हमेशा लगातार घाटी में शांति को बंधक बनाने का काम करते हैं जिससे कारोबार और पर्यटन उद्योेग प्रभावित होता है। उन्होंने चेताया कि इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने पीडीपी-भाजपा सरकार से अलगाववादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

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