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UPSC Results 2017: एक बार फिर बिहार का जलवा, 18 प्रतियोगियों को मिली सफलता

समस्तीपुर जिले के श्रीकृष्णापुरी मोहल्ला निवासी प्रेरणा दीक्षित ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएसएसी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

UPSC Civil Services 2016 Result : सिविल सेवा परीक्षा में 1099 उम्मीदवार सफल हुए हैं।

यह अलग बात है कि बिहार में 12वीं के नतीजे संतोषजनक नहीं रहे। लेकिन बुधवार को यूपीएससी 2016 का आया रिजल्ट देखकर बिहार के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। लोग कह रहे हैं बिहारी जैसे लाल तूने कर दिया कमाल। दरअसल, कुल 1099 सफल हुए प्रतियोगियों में करीब 18 बिहार से है। यह बिहारवासियों के लिए फक्र की बात है। समस्तीपुर जिले के श्रीकृष्णापुरी मोहल्ला निवासी प्रेरणा दीक्षित ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएसएसी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्हें ऑल इंडिया में 57वां रैंक मिला है।

समस्तीपुर में पली-बढ़ीं प्रेरणा ने दसवीं की परीक्षा समस्तीपुर से ही पास की थीं। 12वीं उन्होंने पटना सेंट्रल स्कूल से किया। इसके बाद वेल्लोर से बायोटेक की पढ़ाई की। इसके बाद एनआईटी राउरकेला से एमटेक की डिग्री लीं। दरभंगा के प्रसिद्ध चिकित्सक व पदमश्री डॉ मोहन मिश्रा की नतिनी सौम्या झा ने पहले प्रयास में ही 58वां रैंक प्राप्त किया है। उनके पिता संजय कुमार झा आइपीएस अधिकारी, जबकि मां डॉ मातंगी झा चिकित्सक हैं। सौम्या मूल रूप से मधुबनी जिले के डुमरा गांव की रहनेवाली हैं। उन्होंने डीएवी पटना से 10वीं की परीक्षा पास की। डीपीएस दिल्ली से इंटर पास करने के बाद वह मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई 2016 में पूरी की।

मधुबनी के मूल निवासी नीरज कुमार झा को 109वां रैंक मिला है। उनकी परिवार फिलहाल धनबाद में रहता है। नीरज के पिता दामोदर वैली कार्पोरेशन में कार्यरत हैं। दरभंगा के सुमित कुमार झा ने 111वां रैंक हासिल किया है। आईआईटी रूड़की से बीटेक सुमित को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली।

पटना के सन्नी राज को 132वां रैंक मिला है। उनका यह चौथा प्रयास था। एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक पिछले साल उन्हें आईआरएस मिला था। गया के प्रभात रंजन पाठक ने 137वां रैंक हासिल किया है। उनका यह पहला ही प्रयास था। भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के सबलपुर गांव के नितेश पांडेय ने 141वां रैंक हासिल किया है।आईआईटी चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई करनेवाले नितेश के पिता श्रीमत पांडेय भी आईएएस अधिकारी हैं।

सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर बधवा गांव के राकेश रंजन ने 138वां रैंक हासिल किया है। फिलहाल वे झारखंड में डाक व तार के डिप्टी डारेक्टर पद पर तैनात हैं। वहीं सहरसा के ही चैनपुर के सत्यम ठाकुर ने 218वां रैंक लाया है। यह उनका चौथा प्रयास था। भागलपुर के कहलगांव एनटीपीसी में कार्यरत मानस वाजपेयी को 456वां रैंक हासिल हुआ है। वह मूल रूप से यूपी के रायबरेली के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह कहलगांव एनटीपीसी में ऑपरेशन विभाग मे डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। यह सफलता उनको चौथे प्रयास में हासिल हुई है।

हाजीपुर के राजनारायण कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश राय के पुत्र ओंकार ने 458 वां रैंक प्राप्त किया है। वहीं, वैशाली जिले के सराय थाने के शेम्भोपुर गांव लालकोठी के कुंदन कुमार को 553 वां रैंक मिला है। इससे पहले कुंदन भारतीय वन सेवा (आइएफएस) की परीक्षा में पूरे देश में 9वां स्थान लाकर बिहार टॉपर बने थे।

वहीं बरबीघा के अभिषेक कुमार को 773वां रैंक मिला है। बीते साल उन्हें 1028वां रैंक मिला था। बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के विनोद कुमार ने 819वां रैंक हासिल किया है। वर्तमान में वह बेंगलुरु में प्रोविडेंट फंड के सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। बौंसी के ही कुशमाहा निवासी बमबम यादव ने 949वां स्थान ला पाए। बमबम वर्तमान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया इलाहाबाद में जूनियर ट्रांसलेटर के पद पर कार्यरत हैं।

नवादा जिले के पकरीबरावां गांव के वाशिंदे अरविन्द कुमार एवं यशोदा देवी के बेटे निरंजन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाई है। निरंजन के पिता मूलत: वारिसलीगंज के रहने वाले हैं और वर्षों से पकरीबरावां में रह रहे हैं। वे पकरीबरावां बाजार में खैनी की एक छोटी दुकान चलाते हैं। निरंजन को आईएफएस में 73वां रैंक एवं आईएएस में 728वां रैंक मिला है।

बांका बौंसी के बाबुडीह निवासी किराना दुकानदार अशोक कुमार एवं गृहिणी रेणु देवी के बेटे विनोद कुमार ने 819वां रैंक प्राप्त किया। वर्तमान समय में विनोद बेंगलुरु में सहायक कमिश्नर(पीएफ) के पद पर कार्यरत हैं। विनोद की इस उपलब्धि पर बांका और बौंसी वासियों में खुशी की लहर है। उसके पिता बताते हैं कि उसका सपना था आईएएस बनना।

भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के सबलपुर निवासी आईएएस श्रीमत पांडेय के पुत्र नीतेश पांडेय ने यूपीएससी की परीक्षा में 141वां रैंक लाकर अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जिले का भी मान बढ़ाया है। नीतेश चेन्नई आईआईटी से इलेक्ट्रिकल के छात्र रहे हैं। बुधवार की शाम जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ उनकी सफलता पर परिजनों समेत इलाके के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। नीतेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने आईएएस पिता श्रीमत पांडेय व अपनी मां डॉ करुणा पांडेय को देते हैं।

मोतिहारी के क्लर्क की नौकरी करते हुए मध्यम वर्ग परिवार के अजित कुमार को 1094वां रैंक मिला है। वे फिलहाल मोतिहारी उप कृषि निदेशक के कार्यालय में लिपिक संवर्ग के कर्मचारी हैं। जिले के गोविंदगंज के सरेया महुआवा निवासी स्व. रघुनाथ प्रसाद व कांति देवी के पुत्र अजीत कुमार की सफलता से जश्न का माहौल है। अजीत के पिता रघुनाथ प्रखंड कृषि पदाधिकारी थे। यह अपनी बड़ी सफलता बताते हैं। वहीं मुंगेर जिले के तारापुर अंतर्गत टेटिया बमपर गांव निवासी केंद्रीय विद्यालय दीप्तिनगर कहलगांव के शिक्षक संजीव कुमार सिंह के बड़े बेटे कुमार संभव ने प्रथम प्रयास में ही सिविल सेवा की परीक्षा में 714वां रैंक हासिल किया है।

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