ताज़ा खबर
 

आरजेडी और एलजेपी में नजदीकियां! चिराग पासवान के बयान से लगने लगीं अटकलें

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 12 जुलाई को एनडीए के घटक दलों से मुलाकात करने वाले हैं। इससे पहले बिहार में दबाव बनाने की राजनीति में जबर्दस्त काम हो रहा है। चिराग पासवान ने भले ही तेजस्वी यादव के साथ काम करने से इंकार नहीं किया हो। लेकिन केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने अपने बेटे के बयान को खारिज किया है।

5 जुलाई 2018 को पटना में केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के 72वें जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें सम्मानित किया। साथ में सांसद चिराग पासवान भी मौजूद हैं। (PTI Photo)

एलजेपी सांसद चिराग पासवान ने अपने एक बयान से बिहार में संभावनाओं की राजनीति को फिर से हवा दे दिया है। लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद और केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ काम करने की सियासी संभावना से इनकार नहीं किया है। एक निजी चैनल के साथ बातचीत में चिराग ने कहा कि राजनीति में सबकुछ मुमकिन हैं और अगर बिहार के विकास के लिए दोनों नेता भविष्य में मिलजुल कर काम करें तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। बता दें कि इस वक्त बिहार में सत्ताधारी एनडीए में जबर्दस्त खींच तान चल रही है। उपेन्द्र कुशवाहा की रालोसपा और रामविलास पासवान की एलजेपी सियासी समीकरणों को भांप रहे हैं। सारा मामला 2019 के चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर हैं। जहां 40 सीटों के लिए एनडीए में खुद बीजेपी, एलजेपी, लोजपा और आरएलएसपी के बीच लड़ाई है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 12 जुलाई को एनडीए के घटक दलों से मुलाकात करने वाले हैं। इससे पहले बिहार में दबाव बनाने की राजनीति में जबर्दस्त काम हो रहा है। चिराग पासवान ने भले ही तेजस्वी यादव के साथ काम करने से इंकार नहीं किया हो। लेकिन केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने अपने बेटे के बयान को खारिज किया है। पासवान ने कहा है कि वे एलजेपी अध्यक्ष की हैसियत से कह सकते हैं कि उनकी पार्टी 2019 का आम चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ेगी। बता दें कि एनडीए में जेडीयू के शामिल होने के बाद एलजेपी को लग रहा है कि उसकी सीटें कट सकती है, लिहाजा एलजेपी दबाव बनाकर 2019 के लिए अधिक से अधिक सीटें पाना चाहती है।

इस बीच 8 जुलाई को दिल्ली में जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। जेडीयू और बीजेपी के रिश्ते पिछले कुछ महीने में रोलर कोस्टर राइड बन गये हैं। कुछ ही दिन पहले सीएम नीतीश कुमार ने जब लालू यादव को फोन किया था तो इस पर काफी अटकलें लगाई गईं थी। हालांकि तब कहा गया था कि नीतीश लालू की सेहत जानने के लिए फोन किये हैं। माना जा रहा है कि 8 जुलाई को नीतीश पार्टी और बीजेपी नेतृत्व को अहम संदेश दे सकते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App