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तेजस्‍वी-तेज प्रताप में कलह ने बढ़ाई बीमार लालू की चिंता! छोटे बेटे को अस्‍पताल में किया तलब

लालू प्रसाद का तेजस्वी यादव को मिलने के लिए भेजा गया बुलावा एक हाशिए पर डाल दिए गए पिता का बुलावा नहीं था। लेकिन उस पिता की कोशिश जरूर थी जो ये चाहता है कि उसके बच्चे एकजुट रहें।

राजद अध्यक्ष लालू यादव अपनी पत्नी राबड़ी देवी और बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के साथ। (फाइल फोटो-PTI)

राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में सजायाफ्ता हैं। हृदय और अन्य बीमारियों के कारण लालू प्रसाद का इलाज रांची के राजेन्द्र इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंस में चल रहा है। उनकी गैरमौजूदगी में 29 साल के तेजस्वी प्रसाद यादव बिहार में मुख्य विपक्षी दल का नेतृत्व कर रहे हैं।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार (28 सितंबर) को लालू प्रसाद ने तेजस्वी यादव को मिलने के लिए रांची में बुलाया। लालू प्रसाद की अवस्था इस वक्त 72 साल की है। वह 1990 में बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के दोषी हैं और लंबी सजा काट रहे हैं। एक वक्त राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में जाने के लिए मेहनत कर रहे तेजस्वी प्रसाद को राजद की कमान संभालने के लिए वापस बिहार लौटना पड़ा। लेकिन उनका कहानी का मुख्य हीरो बन जाना परिवार में आपसी कलह का कारण बनने लगा है। बड़े भाई तेजप्रताप और बड़ी बहन सांसद मीसा भारती को ये रास नहीं आ रहा है।

लालू प्रसाद की तीनों संतानों का अस्पताल में लालू को देखने के लिए जाना कभी मीडिया की सुर्खियां नहीं बटोरता है। लेकिन इन तीनों का अस्पताल न जाना राजद नेताओं की नजर में जरूर आ गया है। एक वरिष्ठ राजद नेता ने एनडीटीवी से कहा,”हम लोग रोज ही लालू प्रसाद की हेल्थ रिपोर्ट का अध्ययन करते हैं। हम देख रहे हैं कि वह तनाव में हैं। लेकिन जब लोग और समर्थक हमसे पूछते हैं कि आखिर क्यों उनके बेटे और बेटी मीसा उन्हें देखने के लिए नहीं आते हैं, हमारे पास कोई जवाब नहीं होता है।”

एनडीटीवी के अनुसार, लालू प्रसाद का तेजस्वी यादव को मिलने के लिए भेजा गया बुलावा एक हाशिए पर डाल दिए गए पिता का बुलावा नहीं था। लेकिन उस पिता की कोशिश जरूर थी जो ये चाहता है कि उसके बच्चे एकजुट रहें। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि राजद में पिछले 15 दिनों में कोई बड़ी गतिविधि नहीं दिखाई दी है क्योंकि तेजस्वी और तेजप्रताप के बीच पनपता तनाव अब कार्यकर्ताओं से छिपा नहीं रह गया है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, तेजप्रताप यादव पार्टी चलाने के लिए बड़ी भूमिका चाहते हैं। लेकिन लालू प्रसाद और पार्टी के अन्य नेता इससे सहमत नहीं हैं। पार्टी के करीबी सूत्र ने एनडीटीवी ने कहा, ” हमें उम्मीद है कि लालू जी अब तेजस्वी से मिल रहे हैं। वह दोनों भाइयों के बीच पनप रहे तनाव का कोई न कोई समाधान आसानी से निकाल लेंगे। दोनों के बीच इस झगड़े के बढ़ने से पार्टी को नुकसान ही होगा।”

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