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500 करोड़ के जमीन घोटाले पर लालू यादव ने कहा- मेरे दोनों बेटे भूखे नहीं मर सकते और जमीन हमारी है तो उसका इस्तेमाल नहीं करेंगे क्या?

लालू यादव ने कहा कि हर बाप चाहता है कि उसका बेटा धंधा करे, वो गुदड़ी में लिपट कर ना रहे।

लालू प्रसाद यादव का परिवार। (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

बिहार में मिट्टी और जमीन घोटाले पर सियासत और गर्म हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने यह स्वीकार किया है कि पटना के नजदीक दानापुर में सगुना मोड़ पर बन रहे मॉल की जमीन के मालिक उनके दोनों मंत्री बेटे और पत्नी राबड़ी देवी हैं। इस 2 एकड़ जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है। रविवार (9 अप्रैल को) पटना में प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान लालू यादव ने यह कबूल किया कि यह जमीन उनकी पार्टी के पूर्व सांसद प्रेम गुप्ता की कंपनी ने उनके नाम की है। इसके बाद बिहार भाजपा के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी फिर से लालू परिवार पर हमलावर हो गए हैं। मोदी ने पूछा कि लालू के दोनों बेटों ने मंत्री के तौर पर अपना सालाना आय की घोषणा में इस जमीन का जिक्र क्यों नहीं किया। सुशील मोदी ने लालू यादव के दोनों मंत्री बेटों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की भी मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की है।

रविवार को मीडिया से बात करते हुए लालू यादव ने कहा कि हर बाप चाहता है कि उसका बेटा धंधा करे, वो गुदड़ी में लिपट कर ना रहे। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर हमारे पास जमीन है तो हम उसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं करेंगे क्या? लालू ने बताया कि उस कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स का कुल अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये है। इसका 50 फीसदी भार कंस्ट्रक्शन कंपनी वहन करेगी जबकि 50 फीसदी जिस कंपनी की जमीन है। इस मॉल को बनाने वाली कंपनी भी राजद के एक विधायक की है।

गौरतलब है कि यह मामला तब सुर्खियों में आ गया था जब निर्माणाधीन मॉल से निकाली गई मिट्टी को पटना के चिड़ियाघर में खपाने का आरोप लगाया गया था और इसके एवज में वन विभाग द्वारा 90 लाख रुपये का भुगतान लालू यादव के परिजनों को करने की बात सामने आई। हालांकि लालू यादव ने सुशील कुमार मोदी के इन आरोपों को खंडन किया। उन्होंने कहा कि मोदी के सभी आरोप बेबुनियाद और मनहगढ़ंत हैं। राजद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर सुशील मोदी को लगता है कि रेलवे की जमीन औने-पौने दाम पर किसी को लीज दी गई है तो वो केन्द्र सरकार से इसकी जांच करवा लें।

आपको बता दें कि सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया था कि साल 2008 में रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने हर्ष कोचर नाम के व्यवसायी को रेलवे की जमीन रांची और पुरी में होटल खोलने के लिए 15 साल के लिए लीज पर दी थी। लेकिन इससे पहले उस व्यवसायी ने पटना की अपनी दो एकड़ जमीन उस वक्त के केंद्रीय मंत्री और राजद सांसद प्रेम गुप्ता की कंपनी को बेच दी थी और बाद में प्रेम गुप्ता ने उस जमीन को लालू परिवार को रजिस्ट्री कर दी।

वीडियो: प्रधानमंत्री मोदी पर लालू प्रसाद यादव बोले- “पीएम को अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए”

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