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राज्य सभा चुनाव: परिवार से बाहर निकले लालू, नोटों की गड्डी पर सोते जो हुआ था गिरफ्तार, उसे बनाया उम्मीदवार

23 मार्च को राज्य सभा चुनाव होने हैं। 79 विधायकों वाली राजद दो लोगों को अकेले संसद भेज सकती है। बाकी बचे 10 सरप्लस वोट कांग्रेस उम्मीदवार को देने की सहमति बनी है।

अशफाक करीम (बाएं) और मनोज झा (दाएं) को राजद ने राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया है।

बिहार की छह राज्य सभा सीटों के लिए राजद ने भी आज (11 मार्च को) अपने दो उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है। पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा और कटिहार मेडिकल कॉलेज के मालिक अशफाक करीम को उम्मीदवार बनाया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक मनोज झा को उम्मीदवार बनाकर लालू यादव ने ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश की है। झा दिल्ली यूनिवर्सिटी में सामाजिक कार्य के हेड हैं। उन्हें तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है। झा मीडिया में राजद और लालू परिवार की तरफ से कई मौकों पर उनका बचाव करते देखे गए हैं। इससे पहले चर्चा थी कि राबड़ी देवी को संसद भेजा जाएगा लेकिन लालू ने मनोज झा को उम्मीदवार बनाकर राज्य में नए सियासी समीकरण के संकेत दिए हैं। औम तौर पर राजद को यादवों और मुसलमानों की पार्टी कहा जाता है।

हालांकि, यह पहले से ही तय था कि राजद एक सीट किसी मुस्लिम चेहरे को देगी। राजद माई (मुस्लिम और यादव) समीकरण के बूते ही बिहार में 15 वर्षों तक शासन करता रहा है। इस लिहाज से पार्टी के सामने कई दावेदार थे। मसलन, पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी का नाम सबसे आगे चल रहा था लेकिन अचानक बदले घटनाक्रम में लोजपा अध्यक्ष रामविलवास पासवान के करीबी रहे और कटिहार मेडिकल कॉलेज के संस्थापक अशफाक करीम का नाम आगे आया और उस पर मुहर भी लग गई। बता दें कि मनोज झा जहां पार्टी के लिए पाक-साफ दामन वाले नेता हैं वहीं, अशफाक करीम का दामन सफेद नहीं रहा है।

अशफाक करीम को साल 2013 में रुपयों से भरे गद्दे पर सोते हुए पकड़ा गया था। पटना के एसएसपी मनु महाराज ने उन्हें कटिहार मेडिकल कॉलेज में दाखिले की सीट बेचने और परीक्षा का पेपर लीक कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। करीम के पास से तब एक डायरी भी बरामद हुई थी जिसमें पैसों के लेन-देन का हिसाब दर्ज था। करीम की गिरफ्तारी के बाद एंट्रेंस एग्जाम रद्द कर दिया गया था। अशफाक कटिहार संसदीय सीट से एक बार किस्मत भी आजमा चुके हैं।

बता दें कि 23 मार्च को राज्य सभा चुनाव होने हैं। 79 विधायकों वाली राजद दो लोगों को अकेले संसद भेज सकती है। बाकी बचे 10 सरप्लस वोट कांग्रेस उम्मीदवार को देने की सहमति बनी है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक किसी के नाम का एलान नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। जदयू ने भी अभी तक उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं किया है जबकि बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। राजद की तरफ से रघुवंश प्रसाद सिंह और जगदानंद का नाम इस रेस में आगे चल रहा था लेकिन बाजी मनोज झा और अशफाक करीम मार गए। ये लोग 12 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगे।

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