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मालदा प्रभाग में गति नहीं पकड़ रही है रेलवे की नकदीरहित टिकट बुकिंग

रेलवे के मालदा डिवीजन में कैशलेस टिकट बुकिंग अब तक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है।

Author भागलपुर | October 30, 2017 01:08 am

रेलवे के मालदा डिवीजन में कैशलेस टिकट बुकिंग अब तक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। इसकी एक वजह यह भी है कि पूरे देश में रेलवे की आइआरसीटीसी की साइट से ई-टिकट बुक करने के लिए केवल सात बैंकों के क्रेडिट-डेबिट कार्ड ही मान्य हैं। हालांकि बीते महीने रेलवे ने कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए सभी बैंकों के कार्ड मान्य करने की बात कही थी। दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डॉ शशिकांत के पास पीएनबी का, भागलपुर के संजीव कुमार शर्मा के पास यूनियन बैंक का, तो स्मिता के पास यूको बैंक का डेबिट कार्ड है। मगर इनकी दिक्कत यह है कि ई-टिकट बुक करने के लिए आइआरसीटीसी की साइट पर इन बैंकों का नाम ही नहीं है। नतीजतन इन्हें काउंटर या एजंट के जरिए नकद देकर टिकट बुक करानी पड़ी। इन्हें दिल्ली से भागलपुर आना था।

आइआरसीटीसी टिकट बुकिंग साईट पर केवल सात बैंकों- इंडियन ओवरसीज बैंक , एचडीएफसी, यूबीआइ, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया, केनरा बैंक और एक्सिस बैंक के नाम ही दिखते हैं। देश में दो दर्जन से ज्यादा सरकारी और गैर सरकारी बैंक हैं और इनके करोड़ों ग्राहक हैं। यहां तक कि देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भी इस साइट से नदारद है। हालांकि जानकार बताते हैं कि करीब छह महीने पहले ऐसा नहीं था और सभी बैंकों के कार्ड मान्य थे। सर्विस चार्ज के मुद्दे पर बैंकों और रेलवे में मतभेद हुआ था। रेलवे ने एक बयान जारी कर बीते महीने मामला सुलझा लेने और सभी बैंकों के कार्ड मान्य करने की बात कही थी। मगर अबतक कुछ नहीं हुआ है।

रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक देश में करीब दो करोड़ 23 लाख लोग ट्रेन से रोजाना सफर करते हैं। जिनमें से केवल 10 से 15 लाख मुसाफिर ही आॅनलाइन ई-टिकट बुक करा पाते हैं। इनमें से भी तकरीबन 50 हजार यात्री ही ऐसे हैं जो टिकट बुकिंग में अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। जाहिर है बीते 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद लागू हुई कैशलेस योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। रेलवे के मालदा डिवीजन के कमाऊ स्टेशनों में से एक भागलपुर में भी पांच-सात हजार रुपए के टिकट ही कैशलेस रोजाना खरीदे जा रहे हैं। जबकि टिकटों की नकद बिक्री लाखों में हैं।

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