ताज़ा खबर
 

दूल्हे ने शादी के कार्ड में छपवाया ‘बिन शौचालय दुल्हन का श्रृंगार है अधूरा’

केन्‍द्र सरकार ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत देश भर में अक्‍टूबर 2014 से 9,093 करोड़ रुपए खर्च कर एक करोड़ 80 लाख शौचालय बनवाए हैं।

Author Updated: April 25, 2017 7:32 PM
ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ भारत शौचालय (फोटो-रायटर्स)

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘घर-घर में शौचालय’ जैसे स्लोगन सार्वजनिक जगहों से हटकर शादी के कार्ड में छपने लगे तो यह जरूर चर्चा का विषय बन जाएगा। ताजा मामला पूर्णिया जिले के बिरनिया गांव का है। यहां एक दूल्हे ने अपनी शादी के कार्ड में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और बिन शौचालय दुल्हन का श्रृंगार अधूरा है।’ संदेश छपवाया है। दूल्हे ने जैसे ही शादी का कार्ड अपने रिश्तेदारों में बांटा, तो लोग दुल्हे की पीठ थपथपाने लगे। यह बात पूरे जिले में फैल गई। शादी रचा रहे वरूण कुमार की इस पहल का जिले के उप विकास आयुक्त राम शंकर ने स्वागत किया है।

बता दें कि वरूण पूर्णिया में केंद्र प्रायोजित ग्रामीण आवास योजना के बैसा प्रखंड के सहायक पद पर हैं। वरूण ड्यूटी के दौरान ग्रामीण आवास की हकीकतों को रोज देखते रहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए यह तरीका अपनाया। ग्रामीण घरों में शौचालय की जरुरत पर इस खास तरह की जागरुकता और पहल को युवक के मित्रों और संबंधियों ने भी स्वागत किया है।

वरूण का कहना है कि गांव में महिलाओं को शौचालय के लिए खुले में जाना पड़ता है। यह स्थिति महिला सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने शादी का कार्ड बांटते हुए सबसे शौचालय बनाने और बेटी को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाने की अपील की है।

वहीं वरुण के कई मित्र मसलन समाजसेवी शशिरंजन, कलाकार दिलीपराज ने भी कार्ड पर खुशी जताई है और उन्हें सही काम करने के लिए पीठ थपथपाई है। वरूण के मित्रों का कहना है कि सच में बिन शौचालय दुल्हन का श्रृंगार अधूरा होता है। जिले के उप विकास आयुक्त ने अपने कर्मी वरुण की पहल का स्वागत किया है और उन्हें शादी की अग्रिम शुभकामनाएं दी है।

गौरतलब है कि केन्‍द्र सरकार ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत देश भर में अक्‍टूबर 2014 से 9,093 करोड़ रुपए खर्च कर एक करोड़ 80 लाख शौचालय बनवाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अभियान को प्राथमिकता के तहत चलाने को कहा था, लेकिन नेशनल सैम्‍पल सर्वे ऑर्गनाइजेशन के आंकड़ों (NSSO) ने अभियान की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्‍वच्‍छ भारत अभियान शुरू होने के बाद से शौचालयों का कितना उपयोग बढ़ा है, इसपर अभी तक कोई व्यापक आंकड़ा सरकार की तरफ से जारी नहीं किया गया है। NSSO ने इस साल की शुरुआत में ‘स्‍वच्‍छता स्‍टेटस रिपोर्ट’ जारी की थी। इस रिपोर्ट में, शौचालयों के बनने और उसके इस्‍तेमाल में बढ़ोत्‍तरी पर एक नजर डाली गई है।

देखिए वीडियो - गुजरात के नर्मदा जिले में लोग शौचालयों के साथ सेल्फी ले रहे हैं, जानिए क्यों

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 सुकमा में शहीद जवान के पिता ने कहा- अगर अमेरिका पाकिस्तान में घुसकर ओसामा को मार सकता है तो मोदी सरकार कुछ क्यों नहीं करती?
2 आईटी अफसरों की ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’: 80 गाड़ियों में 7 जिलों से पहुंचे 150 अफसर, 4 दि‍न चली रेड,200 करोड़ का कालाधन सामने आने का अनुमान
3 नीतीश कुमार और लालू यादव की मौजूदगी में बिहार विधानसभा में पास हुआ GST बिल