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शहीद सिपाही के भाई का फूटा आक्रोश, बोले-केंद्र के एक्शन लेने तक करेंगे अनशन

हरिहर सिंह के चार बेटों में राकेश कुमार सबसे छोटे थे। साथ ही केवल उन्हीं के पास नौकरी थी।

Author कैमूर | September 20, 2016 8:27 AM
उरी हमले में शहीद हुए सिपाही राकेश कुमार के पिता हरिहर सिंह।

उरी हमले में शहीद हुए सिपाही राकेश सिंह इस साल मई में जब छुट्टी पर घर आए थे तब पत्‍नी किरण कुशवाहा और बेटे हर्षित को असम लेकर गए थे। यहां पर उन्‍होंने कामाख्‍या मंदिर के बाद बाहर तस्‍वीर भी खिंचाई थी। उनके 68 साल के पिता हरिहर सिंह अब इसी तस्‍वीर को आने वाले लोगों को दिखाते हैं और अपने आंसुओं को रोकने की भरसक कोशिश करते हैं। लेकिन मां राजकवल देवी अपने सबसे छोटे बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद से लगातार रो रही हैं। हरिहर सिंह के चार बेटों में राकेश सिंह सबसे छोटे थे। साथ ही केवल उन्हीं के पास नौकरी थी। हरिहर नाराज है कि बेटे के शहीद होने की खबर उन्‍हें चौकीदार से मिली। उन्‍होंने बताया, ”जिला प्रशासन को इतना तो सम्‍मान करना चाहिए था कि इस तरह की दुख और गर्व के मौके पर किसी वरिष्‍ठ अधिकारी को भेजें।”

राकेश के भार्इ हरहंगी सिंह ने बताया, ”हम केंद्र सरकार से कड़ा कदम उठाने की मांग करते हैं। काफी बातचीत हो चुकी। हम मेरे भाई के लिए मेमोरियल की जगह चाहते हैं। हम चाहते हैं कि राकेश की पत्‍नी को नौकरी दी जाए।” राकेश के सबसे बड़े भाई बजरंगी सिंह ने कहा, ”हम एक निवाला भी नहीं खाएंगे जब तक कि हमें केंद्र सरकार के कड़े कदम की सूचना नहीं मिल जाती। यदि जरूरत पड़ी तो हम पटना और दिल्‍ली में प्रदर्शन भी करेंगे। हमने परिवार का सितारा खो दिया। राकेश हमेशा से वर्दी पहनना चाहता था। बाकी लोगों के लिए वह एक अन्‍य सिपाही होगा लेकिन एक भाई को खोने का मतलब क्‍या होता है, यह हमें पता है।”

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राकेश साल 2008 में सेना में शामिल हुए थे। 15 हजार लोगों की आबादी वाले बढ्ढ़ा गांव में फौज में शामिल पांच लोगों में से वे एक थे। राकेश की वर्दी में फोटो देखते ही परिवार के लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं। उनके पिता ने बताया, ”यह उसकी कश्‍मीर में उनकी दूसरी पोस्टिंग थी। चार दिन पहले ही हमने बात की थी। उसने पहाड़ चढ़ने और मोबाइल कनेक्‍शन ना मिलने के बारे में कहा था। उसने क‍हा था कि हम उसे फोन न करें। कौन जानता था कि यह उसका आखिरी कॉल होगा।” राकेश की शादी चार साल पहले हुई थी। उनकी पत्‍नी दिल्‍ली में है और खबर मिलने के बाद गांव के लिए रवाना हो गईं।

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