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नीतीश और लालू पर बरसे पप्पू यादव, बताया जाता-पांत, अपराध की राजनीति करने वाले

दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती जुड़ी समिति में नीतीश कुमार का नाम होने के घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि बिहार के मुख्यमंत्री अपने पुराने घर (राजग) की ओर बढ़ रहे हैं।

Author नई दिल्ली | Published on: September 28, 2016 6:12 AM
जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव (पीटीआई फाइल फोटो)

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जात-पांत और अपराध की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए जन अधिकार पार्टी के प्रमुख व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के विकास से इनका कोई सरोकार नहीं है और अकूत संपत्ति जमा करने वाले विधायकों, सांसदों की आय के स्रोत की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराई जानी चाहिए।  पप्पू यादव ने कहा कि आज बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी के विषय को उठा रहे हैं तो उनके सहयोगी लालू प्रसाद शहाबुद्दीन का नाम आगे करके मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि राज्य में अपराध और अपराधियों का बोलबाला हो गया है।

शिक्षा माफिया, खनन माफिया, पानी माफिया, भूमि माफिया का राज है और सत्तारूढ़ पार्टी अनर्गल प्रलाप करके गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के प्रयास में लगी है। राजद से निष्काषित सांसद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लालू प्रसाद शहाबुद्दीन को नेता बता रहे हैं तो नीतीश कुमार उन्हें गुंडा बता रहे हैं। फिर भी नीतीश गठबंधन धर्म निभाने की बात करते हैं। अगर शहाबुद्दीन नेता हैं तो लालू प्रसाद जद (एकी) नीत सरकार से समर्थन वापस लें। उन्होंने कहा कि दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह से जुड़ी समिति में नीतीश कुमार का नाम होने समेत हाल के घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि बिहार के मुख्यमंत्री अपने पुराने घर (राजग) की ओर बढ़ रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि राजनीति में शुचिता का अभाव हो गया है। राजनीतिक नेताओं के पास अचानक अकूत संपत्ति आ जाती है। इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बना लेते हैं, ये नेता इसकी जांच होनी चाहिए। मैं मांग करता हूं कि अकूत संपत्ति जमा करने वाले विधायकों, सांसदों की आय के स्रोत की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराई जानी चाहिए।
पप्पू यादव ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से बिहार जातपात और धर्म की राजनीति का दंश झेल रहा है और अब उसे इससे मुक्ति चाहिए। जाति, धर्म राजनीतिक नेताओं के औजार बन गए हैं और इसके कारण आज बिहार में व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।   पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने धर्म को राजनीति का हथियार बना लिया है और जुबानी जमा-खर्च के अलावा जनता के हित के लिए राज्य में इस पार्टी ने कोई सार्थक पहल नहीं की। आज बिहार में गरीबी फैली है, बेरोजगारी सबसे अधिक है। फ्लोराइड, आर्सेनिक से प्रभावित लोगों की भारी संख्या है, कुपोषण की मार झेलने को बच्चे मजबूर हंै, निरक्षता चारों ओर फैल गई है और पिछले 70 साल में हम बिहार में बाढ़ की समस्या से निजात नहीं दिला पाए । इन जन समस्याओं से लड़ने की बजाए बिहार में सत्तारूढ़ दल जुमलेबाजी में लगे हुए हैं।

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