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नीतीश कुमार बोले- शैडो र‍िपोर्टिंग कर रहा मी‍ड‍िया, जीएसटी का पूरा समर्थन क‍िया, कहा- लॉन्च में बुलाया ही नहीं था

नीतीश कुमार ने कहा, "विरोध करने में जितना वक्त लगाना है उससे ज्यादा समय जन-जन तक अपने काम को पहुंचाना है।"

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार। (PTI File Pic)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (तीन जुलाई) को पटना में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि उन्हें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लॉन्च कार्यक्रम निमंत्रित नहीं किया गया था। नीतीश ने कहा कि वो शुरू से ही जीएसटी के समर्थन में रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि वो साल 2019 के लोक सभा चुनाव में विपक्ष का चेहरा नहीं होंगे। नीतीश ने साफ किया कि विपक्ष को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ केवल विरोध करने के बजाय एक “वैकल्पिक नरेटिव” पेश करना चाहिए और उसे लेकर आम लोगों तक लेकर जाना चाहिए।

नीतीश कुमार ने विपक्ष के उम्मीदवार बनाए जाने पर कहा, “मुझमें न क्षमता है न महत्वाकांक्षा।” पत्रकारों द्वारा बार-बार पूछे जाने पर नीतीश ने पलटवार करते हुए पूछा, “…जिसका नाम चलता है वो जाता है?”  जीएसटी में न जाने से जुड़े कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने कहा, “हमको नहीं बुलाया गया था।” नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ पत्रकारों ने हमसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि “…आपके पास इन्विटेशन आया है क्या, भिजवा दीजिए?” नीतीश ने कहा कि कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से भी इस बारे में पूछा था जिसका जवाब में उनसे पूछा गया कि निमंत्रण कहां है? हालांकि बाद में एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल में नीतीश ने साफ किया कि “निमंत्रण न मिलना” तकनीकी शब्द है। नीतीश ने कहा कि उन्हें अनौपचारिक तौर पर बुलाया गया था।

बिहार के महागठबंधन में दरार के मुद्दे पर नीतीश कुमार ने कहा, “…कोई दिक्कत नहीं, आपकी व्याख्या है…इसका आपको मौलिक अधिकारी है…इतना ज्यादा एक ही चीज को घसीटने का कोई औचित्य नहीं है…। जब एक पत्रकार ने कहा कि बिहार के महागठबंधन दलों में छायायुद्ध हो रहा है तो नीतीश ने कहा, “कोई  शैडो बॉक्सिंग नहीं हो रही है, लेकिन शैडो रिपोर्टिंग हो रही है।” नीतीश ने राष्ट्रपति चुनाव और उनके विपक्ष के पीएम उम्मीदवार होने पर तंज कसते हुए कहा कि “मीडिया कहीं हवा बांध देता है, कहीं बना देता है…।”

साल 2019 के चुनाव के लिए विपक्ष की तैयारी पर नीतीश ने कहा कि विपक्षी दलों का केवल गठबंधन बनाने से काम नहीं चलेगा बल्कि उसे एक वैकल्पिक आख्यान पेश करना होगा।  नीतीश ने कहा, “वैकल्पिक नरेटिव चाहिए, रिएक्शनरी नरेटिव से काम नहीं चलेगा।”  नीतीश ने आगे  कहा, “विरोध करने में जितना वक्त लगाना है उससे ज्यादा समय जन-जन तक अपने काम को पहुंचाना है।”

 

वीडियो- मंत्रीजी जीएसटी का फायदा समझा रहे थे लेकिन फुलफॉर्म नहीं बता पाए

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