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लालू यादव का साथ छोड़ने से असहमत शरद यादव से नीतीश कुमार ने कहा- पार्टी मंच पर कीजिए बहस, पार्टी हित में लेता हूं फैसले

जदयू के दो राज्य सभा सांसद अली अनवर और वीरेंद्र कुमार खुलकर नीतीश कुमार का विरोध कर चुके हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (बाएं) और जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव। (फाइल फोटो)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी जदयू के वरिष्ठ सहयोगी और सांसद शरद यादव को लालू यादव का साथ छोड़ने के फैसले पर बहस के लिए कहा है। एनडीटीवी रिपोर्ट के अनुसार नीतीश ने शरद से कहा है कि सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करने के बजाय वो पार्टी के मंच पर उनसे बहस करें। नीतीश कुमार द्वारा लालू यादव की राजद और कांग्रेस का साथ छोड़ने के पांच दिन बाद शरद यादव ने अपनी “असहमति” खुलकर जाहिर की थी। शरद यादव ने नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वो इससे सहमत नहीं है। शरद यादव ने कहा कि नीतीश का फैसले जनादेश के उलट है।

नीतीश ने कहा कि वो कोई भी फैसला “पार्टी के सबसे बेहतर हित को ध्यान में रखकर” लेते हैं। नीतीश ने कहा है कि उन्होंने शरद यादव को लालू यादव के संग गठबंधन तोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से समर्थन लेने के बारे में बता दिया था। 70 वर्षीय शरद यादव जदयू के संस्थापक अध्यक्ष हैं लेकिन पिछले साल अक्टूबर में नीतीश कुमार उन्हें हटाकर खुद अध्यक्ष बन गए थे। तभी से माना जा रहा है कि नीतीश से शरद नाराज हैं।

26 जुलाई को नीतीश ने सीएम पद से इस्तीफा देते हुए राजद और कांग्रेस से गठबंधन तोड़ा। अगले ही दिन उन्होंने सीएम पद की शपथ ले ली। उनके साथ बीजेपी नेता सुशील मोदी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। नीतीश ने 243 सदस्यों वाली बिहार विधान सभा में 131 विधायकों के समर्थन से विश्वास मत भी साबित कर दिया। लेकिन शरद यादव नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गए थे। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, सीपीआई नेता डी राजा, रालोद नेता अजीत कुमार इत्यादि ने दिल्ली में शरद यादव से मुलाकात की। लालू यादव ने शरद यादव को सार्वजनिक रूप से अपने साथ आने के लिए कहा।  मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने शरद से फोन पर बात की।

जदयू के दो राज्य सभा सांसद अली अनवर और वीरेंद्र कुमार खुलकर नीतीश कुमार का विरोध कर चुके हैं। शरद यादव ने इन दो सांसदों के साथ अपने दिल्ली स्थित आवास पर बैठक की थी लेकिन अभी तक उन्होंने पार्टी से अलग होने या न होने के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। जदयू के सूत्रों के अनुसार 19 अगस्त को पटना में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शरद शामिल हो सकते हैं। नीतीश का इशारा इसी बैठक में बहस करने को लेकर था।

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