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नीतीश कुमार की दही-चूड़ा पार्टी के लिए तीन साल बाद भाजपा नेताओं को गया न्‍योता, भड़की कांग्रेस

नीतीश कुमार की ओर से भेजे गए न्‍योते पर बिहार भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि उनके पुराने संबंध रहे हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।(फाइल फोटो)

मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा पार्टी ने हलचल मचा रखी है। जदयू की ओर से 15 जनवरी को दी जाने वाली पार्टी में भाजपा को न्‍योता दिए जाने से कांग्रेस नाराज हो गई है। कांग्रेस और जदयू महागठबंधन में शामिल हैं और बिहार की सत्‍ता में साझेदार हैं। जदयू अध्‍यक्ष नीतीश कुमार की ओर से दी जाने वाली दही-चूड़ा पार्टी के लिए भाजपा नेताओं को तीन साल बाद बुलावा दिया गया है। यह कदम बिहार कांग्रेस अध्‍यक्ष अशोक चौधरी को रास नहीं आया है। चौधरी का कहना है कि भाजपा नेताओं को इस साल क्‍यों बुलाया गया इस बारे में जदयू के प्रदेशाध्‍यक्ष वशिष्‍ठ नारायण सिंह ही बता सकते हैं। लेकिन कांग्रेस इस फैसले से खुश नहीं है। वहीं जदयू नेताओं का इस बारे में कहना है कि बुलावे को लेकर ज्‍यादा राजनीतिक मतलब नहीं निकालना चाहिए। लालू यादव ने भी भाजपा को बुलाया है। हालांकि भाजपा नेता लालू की दही-चूड़ा पार्टी में नहीं आए।

नीतीश कुमार की ओर से भेजे गए न्‍योते पर बिहार भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि उनके पुराने संबंध रहे हैं। उन्‍होंने कहा, ”इसका राजनीतिक मतलब नहीं निकालना चाहिए। जदयू के प्रदेशाध्‍यक्ष ने मुझे बुलाया और मैं जाऊंगा।” रोचक बात है कि इस बार लालू ने भी भाजपा को बुलाया था। लालू ने पहली बार भाजपा नेताओं को न्योता दिया था लेकिन वे नहीं आए। भाजपा की ओर से कहा गया कि उन्‍हें सम्‍मानपूर्वक न्‍योता नहीं दिया गया। लालू की पार्टी में सीएम नीतीश कुमार और अन्‍य राजनेता शामिल हुए। राजद की ओर से बताया गया कि लालू की पार्टी के लिए भाजपा के साथ ही एनडीए के अन्‍य नेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया था।

नीतीश कुमार की ओर से भाजपा नेताओं को बुलाए जाने को लेकर कई तरह की संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच जो दूरी आई थी वह अब कम हो रही है। दोनों दल लगभग दो दशक तक साथ रहे लेकिन 2013 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने पर दूर हो गए थे। हाल के कुछ महीनों में जदयू और भाजपा नेताओं में गर्मजोशी बढ़ी है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पिछले दिनों मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया था। साथ ही प्रकाश पर्व के मौके पर कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने भी बिहार सरकार के शराबबंदी के कदम की प्रशंसा की थी।

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