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मांस-मछली खा सकें, इसलिए लालू यादव के बड़े बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपना भगवान ही ‘बदल ल‍िया’

खबर है कि तेज प्रताप यादव का एक खास मुलाजिम बमभोले की नगरी काशी से 10 हजार रूपए का शिवलिंग खरीद कर लाया है।

बांसुरी बजाते तेज प्रताप की फोटो सामने आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके ‘कृष्‍ण’ रूप की तारीफ की थी। (Photo: PTI)

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कुछ दिन पहले अपना भगवान बदल लिया है। विश्वसनीय सूत्र के अनुसार मंत्री महोदय की ‘अध्यात्मिक’ आस्था में भयंकर ट्वीस्ट आ गया है। और इस बदलाव के पीछे का मूल कारण है मांसाहारी भोजन की तरफ बढ़ता उनका निरंतर आकर्षण। सूत्र, जो मंत्री का अतरंग मित्र भी है, की इस मसले पर त्वरित प्रतिक्रिया थी, ‘‘ससुरा जीभ जो न करा दे।’’ कृष्ण भक्त मंत्री के लेटेस्ट भगवान हैं देवों के देव महादेव।

खबर है कि तेज प्रताप यादव का एक खास मुलाजिम बमभोले की नगरी काशी से 10 हजार रूपए का शिवलिंग खरीद कर लाया है। साथ ही साथ पीतल का त्रिशूल और एक दामी डमरू भी मंत्री के मौखिक आदेश पर बृंदावन से लाया गया है। दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में अपने बृंदावन प्रवास के दौरान मंत्री महोदय ने एक खास दुकान में त्रिशूल और डमरू पसन्द किए थे जिसे अब पटना मंगा लिया गया है। फिलहाल शिवलिंग, त्रिशूल तथा डमरू उनकी मां और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के 10 सरकुलर रोड आवास में स्थित मंदिर में रखा गये हैं। मंत्री बनने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी प्राइवेसी को बरकरार रखने के ख्याल से अपने नाम पर एक भव्य बंगला लिया जो 3 सरकुलर रोड के नाम से जाना जाता है। यह बंगला राबड़ी देबी के आवास से अंदर से जुड़ा हुआ (इंटरलिंक्ड) है।

तेज प्रताप यादव के लंगोटिया यार खुलासा करते हैं कि ‘‘हाल ही में मंत्री महोदय को मुर्ग मुस्सलम खाने का चस्का पकड़ लिया है। धीरे-धीरे उनको बकरे के गोश्त का भुना हुआ चॉप तथा ताजा कतला मछली खाने की भी आदत पड़ गई है।’’ एक स्वजातीय साधु ने मंत्री जी को समझाया व सावधान किया कि भगवान कृष्ण का भक्त रहकर नानवेज ग्रहण कर न करें, अनिष्ट होगा। उम्रदराज साधु ने सलाह दिया कि मांस भक्षण करना है तो भगवान बदल लें। मंत्री जी ने मांसाहार छोड़ने से बेहतर भगवान बदलना पसन्द किया।

उसी साधु की सलाह पर तेज प्रताप यादव ने अपनी गर्दन से भगवान कृष्ण के प्रतीक कंठी को उतार फेंका और उसकी जगह रुद्राक्ष की माला धारण कर ली। फिर चहकते हुए लालू के ‘अनुशासित’ लाल ने कहा, ‘‘अब मैं बंधन मुक्त हूं काहेकि इ माला सबकुछ खाला।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘भगवान श्री कृष्ण को भी साइड में रखना है क्योंकि राजनीतिक लाभ तो इनके से मिलेगा नू।’’ आपको याद होगा कि पिछले महीने महाशिवरात्रि पर तेज प्रताप ने शिव रूप में एक वीडियो और कई पोस्ट शेयर करके अपनी शिवभक्ति जाहिर की थी। इससे पहले उन्होंने कृष्ण बनकर अपनी तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर की थी।

स्वास्थ्य मंत्री के 3, सर्कुलर रोड आवास में उनके लिए स्पेशल मंदिर का निर्माण होना है। जमीन चिन्हित करके नक्शा तैयार कर लिया गया है। मंत्री के आदेश पर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा भव्य तरीके से करने की तैयारी अभी से ही शुरू कर कर दी गई है। इस प्रयोजन के लिए धन उगाही का श्रीगणेश भी हो चुका है। मांसाहारी अवतार में आने के बाद मंत्री महोदय शृंगार रस के बेजोड़ प्रेमी भी हो गए हैं। आवास के एक कोने में गंवई स्वाद का, लकड़ी व कुश के संयोग से, अति सुन्दर मड़ई बनवाया गया है। इसमें एक खटिया तथा कुछ कुर्सियां रखी हैं। शाम की बेला में एक सरकारी संगीत विद्याालय का अध्यापक मड़ई में पधारकर अपनी मधुर आवाज में भोजपुरी गीतों से मंत्री जी का मनोरंजन करता है। ये संयोग की बात है कि यही गायक तेज प्रताप यादव के पिताश्री को भी एक जमाने में गीत सुनाया करते थे।

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