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लालू यादव की दही-चूड़ा पार्टी में नीतीश कुमार की हुई खातिरदारी, न्‍योते के बावजूद नहीं आए भाजपा नेता

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मकर सक्रांति के मौके पर अपने घर पर दही-चूड़ा पार्टी का आयोजन किया।

Author Updated: January 14, 2017 8:34 PM
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मकर सक्रांति के मौके पर अपने घर पर दही-चूड़ा पार्टी का आयोजन किया। (Photo:PTI)

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मकर सक्रांति के मौके पर अपने घर पर दही-चूड़ा पार्टी का आयोजन किया। इसमें उन्‍होंने पहली बार कई भाजपा नेताओं को भी बुलावा भेजा। हालांकि भाजपा नेता नहीं आए। बताया जाता है कि जदयू की ओर से दी जाने वाली पार्टी के लिए भाजपा नेताओं को बुलावा भेजे जाने के बाद लालू की ओर से भी न्‍योता भेजा गया। हालांकि लालू की पार्टी में बिहार के मुख्‍यमंत्री और जदयू अध्‍यक्ष नीतीश कुमार शामिल हुए। खुद लालू और उनकी पत्‍नी राबड़ी देवी ने उनकी अगवानी की और दही-चूड़ा परोसा। बिहार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री तेज प्रताप भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्‍होंने तैयारियों पर नजर रखीं। नीतीश के अलावा जदयू के कई अन्‍य नेता भी पार्टी में शामिल हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए 30 क्विंटल दही मंगवाया गया। साथ ही लगभग 20 हजार लोग शामिल हुए।

भाजपा नेताओं ने लालू की दही-चूड़ा पार्टी में शामिल ना होने पर कहा कि उन्‍हें सम्‍मानपूर्व बुलावा नहीं भेजा गया। बताया जाता है कि लालू के बजाय राजद नेता भोला यादव ने पार्टी का बुलावा दिया था। लालू के करीबी भोला यादव ने इंडिया टुडे को बताया, ”लालू प्रसाद के निर्देश पर मैंने सुशील मोदी, नित्‍यानंद राय और जीतन राम मांझी सहित एनडीए के प्रत्‍येक नेता को टेलीफोन किया। उन्‍होंने पार्टी में आने की हामी भी भरी थी।” इधर, नीतीश कुमार रविवार यानि 15 जनवरी को दही-चूड़ा पार्टी देंगे। उन्‍होंने भी भाजपा नेताओं को बुलावा भेजा है। भाजपा नेताओं ने इसमें शामिल होने की पुष्टि की है। सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश से उनके पुराने रिश्‍ते हैं।

बिहार की राजनीति में चर्चाएं चल रही हैं कि भाजपा और जदयू फिर से करीब आ रहे हैं। लालू भी इस बात से परिचित हैं। लेकिन जदयू और भाजपा दोनों पार्टियों के नेता साथ आने की खबरों को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के बुलावों में ज्‍यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। गौरतलब है कि जदयू और भाजपा 2014 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले अलग हो गए थे। इसके बाद बिहार चुनावों से पहले जदयू, राजद और कांग्रेस ने मिलकर महागठबंधन बनाया था। तीनों ने एक साथ विधानसभा चुनाव लड़ा और भारी जीत दर्ज की थी।

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