jdu leader Shyam Rajak says less than 25 seats not acceptable from bjp in bihar nda nitish kumar image 2019 loksabha election - एनडीए में बिखराव? जेडीयू ने कहा- हमारे साथ न्‍याय नहीं हुआ, बीजेपी की नीयत पर शक - Jansatta
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एनडीए में बिखराव? जेडीयू ने कहा- हमारे साथ न्‍याय नहीं हुआ, बीजेपी की नीयत पर शक

श्याम रजक ने कहा कि बिहार में न्यायपालिका में आरक्षण है, इसे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लागू क्यों नहीं किया जा सकता है। इससे बीजेपी की नीयत पर संदेह होता है, यदि वे लोग आंबेडकर और दलितों के प्रति समर्पित हैं, तो उन्हें दलित और बिहार के साथ न्याय करना चाहिए और हमें इस साझेदारी में उचित स्थान देना चाहिए ताकि ये साबित हो सके की ये मजबूत गठबंधन है।

बुधवार 6 जून को पटना में एक इफ्तार पार्टी के दौरान सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी (फोटो-पीटीआई)

बिहार में एनडीए लगातार हिचकोले खा रहा है। हर बयान से जख्म कुरेदे जाते हैं, फिर दूसरा बयान देकर उसपर मरहम लगाने की कोशिश की जाती है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जेडीयू नेता श्याम रजक ने कहा है कि बीजेपी को लोकसभा चुनाव के 25 सीटें जेडीयू को देनी हो होगी, इससे कम का सवाल ही नहीं है। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि जेडीयू के साथ इंसाफ नहीं हुआ है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “हमलोग विचारधारा और नीतियों के स्तर पर एनडीए के साथ हैं, लेकिन यदि हम ऐसा कहते हैं कि हमारे साफ नाइंसाफी हुई है तो हम झूठ नहीं बोल रहे होंगे, जो प्राथमिकता हमें दी जानी चाहिए, वो हमें नहीं मिल रही है, हालांकि हम जैसे अभी एनडीए के साथ हैं उसी तरह आगे भी बनें रहेंगे।” श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार और जेडीयू बिहार में मेजर रोल निभा रहे हैं। श्याम रजक ने कहा, “हमलोगों ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था, उन्हें हमें 25 सीटें देनी पड़ेगी, उससे कम सीटों का कोई सवाल ही नहीं है, यदि एनडीए चाहता है कि उसे नीतीश कुमार की छवि का फायदा मिले, तो उन्हें जेडीयू के साथ न्याय करना पड़ेगा।”

श्याम रजक ने इस बातचीत के दौरान आरक्षण का मुद्दा भी उछाला। श्याम रजक ने कहा कि बिहार में न्यायपालिका में आरक्षण है, इसे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लागू क्यों नहीं किया जा सकता है। इससे बीजेपी की नीयत पर संदेह होता है, यदि वे लोग आंबेडकर और दलितों के प्रति समर्पित हैं, तो उन्हें दलित और बिहार के साथ न्याय करना चाहिए और हमें इस साझेदारी में उचित स्थान देना चाहिए ताकि ये साबित हो सके की ये मजबूत गठबंधन है।

इधर केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने ये कहकर बीजेपी का टेंशन बढ़ा दिया है कि वे पटना में होने जा रहे एनडीए के भोज में शामिल नहीं होंगे। बिहार बीजेपी ने आज बिहार एनडीए के नेताओं को भोज पर आमंत्रित किया है। ये भोज केन्द्र में एनडीए सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर दिया जा रहा है। इसमें सीएम नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।  न्यूज़ चैनल सीएनएन आईबीएन के मुताबिक आरएलएसपी नेता उपेन्द्र कुशवाहा बिहार एनडीए में नीतीश कुमार और जेडीयू के बढ़ते प्रभुत्व से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले एनडीए की मीटिंग होनी चाहिए उसके बाद ही सीएम का चेहरा तय होना चाहिए। उसके बाद ही 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा जाना चाहिए। बता दें कि बिहार में कुछ दिनों से बीजेपी और जेडीयू के बीच अघोषित तनाव की स्थिति है। पहले जेडीयू ने कहा कि नीतीश कुमार ही बिहार में एनडीए गठबंधन का चेहरा होंगे। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने जेडीयू की इस बात पर मुहर लगा दी। उन्होंने कहा कि जब दिल मिल गये हैं, तो सीटों कौन सी चीज है। हालांकि जेडीयू नेता केसी त्यागी ने ये कहकर तूफान खड़ा कर दिया कि एनडीए की स्थिति अच्छी नहीं है और जेडीयू को रोज नये तरीकों से परेशान किया जा रहा है।

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