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आज से बिहार यात्रा पर शरद यादव, नीतीश कुमार दिखा सकते हैं जेडीयू से बाहर का रास्ता

जनता दल यूनाइटेड अपनी पार्टी के संस्थापक शरद यादव पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। खबरों की मानें तो अगर शरद यादव झुकने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर का भी रास्ता दिखाया जा सकता है।

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जेडीयू की आंतरिक राजनीति में इस वक्त घमासान मचा है। शरद यादव आज (10 अगस्त) से बिहार की जनता से सीधा संवाद शुरू कर रहे हैं। इस बहाने शरद यादव नीतीश कुमार और बीजेपी की दोस्ती पर सवाल उठा रहे हैं, तो नीतीश खेमा भी झुकने को तैयार नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक जनता दल यूनाइटेड अपनी पार्टी के संस्थापक शरद यादव पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। खबरों की मानें तो अगर शरद यादव झुकने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर का भी रास्ता दिखाया जा सकता है। कभी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे शरद यादव आज पार्टी में लगभग दरकिनार हो चुके हैं। शरद यादव आज से पटना से जनता से सीधा संवाद कार्यक्रम की शुरूआत कर रहे हैं। उन्होंने में ट्वीट में लिखा है कि वे तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत सड़क मार्ग से जनता के बीच जाएंगे, और उनका ये कार्यक्रम जनहित में है। शरद यादव का कहना है कि उनके इस कार्यक्रम का मकसद लोगों से संवाद स्थापित करना है।

शरद यादव 10 से 12 अगस्त के बीच बिहार के 7 जिलों में जनता से संवाद स्थापित करेंगे। बता दें कि जब से नीतीश कुमार ने बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है, शरद यादव इस फैसले के खुलकर खिलाफ हैं, उनका कहना है कि नीतीश कुमार को जनमत महागठबंधन के साथ सरकार बनाने के लिए मिला था और उन्होंने इस बीजेपी के साथ सरकार बनाकर जनमत का अपमान किया है। नीतीश कुमार के खिलाफ शरद यादव की इस मुहिम को लालू यादव और उनकी पार्टी से पूरा समर्थन मिल रहा है। लालू यादव नीतीश के खिलाफ मोर्चा बनाने और आंदोलन शुरू करने के लिए शरद यदाव को पहले ही न्यौता दे चुके हैं। लालू यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार ने शरद यादव को धोखा दिया है, और किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए अगर पटना में शरद यादव पर हमला हो जाए। इधर जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि शरद यादव को जो भी बात कहनी है उन्हें पार्टी प्लेटफॉर्म पर कहना चाहिए।

पार्टी नेता केसी त्यागी ने कहा कि असहमति के ऐसे मुद्दों को उठाने के लिए पार्टी प्लेटफॉर्म सर्वोत्तम जगह है। लेकिन नीतीश कुमार इस मामले में किसी तरह की नरमी का संकेत नहीं देना चाहते हैं। जेडीयू ने शरद यादव के करीबी समझे जाने वाले जेडीयू महासिचव अरुण श्रीवास्तव को हटाकर ये संदेश दे दिया है। अगर शरद यादव का नीतीश के खिलाफ चलते रहें तो हो सकता है जेडीयू अगली बार शरद यादव के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। बता दें कि गुजरात राज्यसभा चुनाव में अरुण श्रीवास्तव की भूमिका से नीतीश कुमार नाखुश हैं। गुजरात राज्यसभा चुनाव में जेडीयू के विधायक ने कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल को वोट दिया था। शरद यादव ने जीत के बाद अहमद पटेल को बधाई दी। उन्होंने इस मामले में गुजरात जेडीयू के विधायक छोटू भाई वसावा का भी समर्थन किया था।

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