लालू यादव को मिला कर्मों का फल, नवरात्रि में भी काट रहे हैं कोर्ट और CBI का चक्कर- JDU का तंज

नीरज कुमार ने कहा, "लालू ने जैसा कर्म किया है, वैसा ही फल वह और उनका परिवार भोग रहा है। 'नेपाल' जाने से भी 'कपाल' साथ नहीं छोड़ता है।

Author Updated: September 24, 2017 8:14 AM
lalu prasad yadav, lalu yadav, cbi, cbi summon to lalu yadav, rjd, jdu, bjp, neeraj kumar, hindi news, latest hindi news, bihar news, patna news, jansataaपटना में पत्रकारों को संबोधित करते लालू यादव और तेजस्वी यादव (फोटो-पीटीआई )

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव को सम्मन जारी किए जाने पर जनता दल (युनाइटेड) ने लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनके कर्मो का फल है। जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, “नवरात्र के समय जहां लोग मां दुर्गा की अराधना के लिए मंदिर जा रहे हैं, वहीं लालू प्रसाद को अदालत, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।” नीरज कुमार ने कहा, “लालू ने जैसा कर्म किया है, वैसा ही फल वह और उनका परिवार भोग रहा है। ‘नेपाल’ जाने से भी ‘कपाल’ साथ नहीं छोड़ता है और यह उनके कर्मो का ही फल है कि नवरात्र के पवित्र दिनों में भी उन्हें कोर्ट-कचहरी और ईडी, सीबीआई के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।”

नीरज ने आगे कहा, “मुकदमे, पेशी, अदालत, सीबीआई, बेऊर जेल, होटवार जेल के तो लालू अभ्यस्त हैं। लालू को तो कोई मानसिक परेशानी नहीं है, चिंता तो बच्चों की है, जो उनके कारनामों का फल भोगेंगे।” उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने शुक्रवार को लालू प्रसाद एवं उनके बेटे तेजस्वी यादव को वर्ष 2006 में आईआरसीटीसी के दो होटलों का ठेका एक निजी कंपनी को देने में की गई अनियमितता के संबंध में पूछताछ के लिए एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए सम्मन जारी किया है।

बता दें कि सीबीआई ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के रख-रखाव का ठेका देने में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में पूछताछ के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव को नया समन जारी किया है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू को 25 सितंबर को और उनके छोटे बेटे को उसके अगले दिन यानी 26 सितंबर को पेश होने को कहा गया है। इससे पहले उन्हें 11 और 12 सितंबर को पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन लालू रांची में चल रहे अदालती मामले में अपनी उपस्थिति की जरूरत का हवाला देते हुए एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए थे जबकि तेजस्वी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देकर जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।

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