ताज़ा खबर
 

जेल से रिहा होते ही बाहुबली नेता शहाबुद्दीन बोले-‘लालू हैं मेरे नेता, नीतीश परिस्थितियों के मुख्यमंत्री’

जेल में वक्त बिताने के सवाल पर राजद नेता ने कहा कि उन्हें किताब पढ़ने का शौक है। उन्होंने कहा, ‘मैं जेल से चार कार्टन लेकर जा रहा हूं जिसमें दो किताबों से भरे पड़े हैं जो मैंने वहां रहने के दौरान पढ़ीं।’

Author पटना | September 10, 2016 7:28 PM
जेल से रिहा होने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते मोहम्मद शहाबुद्दीन। (Photo: ANI)

बिहार के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार (10 सितंबर) को शाही अंदाज में अपने समर्थकों और राजद कार्यकर्ताओं के जोरदार स्वागत के बीच 11 साल बाद जेल से बाहर आए। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद की तारीफ की लेकिन साफ किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बीच कभी अच्छे संबंध नहीं रहे। सीवान से चार बाद सांसद रहे विवादास्पद नेता ने कहा, ‘मेरे लिए लालू प्रसाद नेता हैं और नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं।’ वह आज (शनिवार, 10 सितंबर) भागलपुर संभागीय जेल से बाहर निकले और करीब तीन सौ गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना हो गए।

राजद की राष्ट्रीय समिति के सदस्य शहाबुद्दीन को पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद का करीबी समझा जाता है। नीतीश कुमार के 2005 में सत्ता में आने के बाद शहाबुद्दीन के खिलाफ कई लंबित मामले फिर से खोले गए और उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि जेल भेजना और रिहा करना अदालत की प्रक्रिया और उसका काम है। अदालत ने जेल भेजा और उसी ने ही रिहा किया है। वर्ष 2014 में सीवान में दो सगे भाइयों पर तेजाब डालकर उनकी जान लेने के मामले में एक गवाह की हत्या में आरोपित शहाबुद्दीन को बुधवार को पटना उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी है। उन्हें करीब 12 अन्य मामलों में पहले जमानत मिल चुकी है।

भागलपुर से राजद के लोकसभा सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने सीवान के जहांगीर चौक पर शहाबुद्दीन का स्वागत किया। सीवान पहुंचने पर उन्होंने कहा कि वह पत्रकार राजदेव रंजन के परिवार से मुलाकात करेंगे जिनकी हाल में हत्या कर दी गयी थी। राजदेव की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन के निकट सहयोगी लड्डन मियां फिलहाल जेल में बंद हैं। जब संवाददाताओं ने पूछा कि लंबे समय तक जेल में रहने से क्या उन्हें राजनीतिक तौर पर कोई नुकसान हुआ है तो शहाबुद्दीन ने कहा, ‘थोड़ा नुकसान हुआ है।’

Read Also: खाने पीने की चीजों के बाद अब जींस भी बेचेंगे बाबा रामदेव

शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब 2014 लोकसभा चुनाव में सीवान सीट भाजपा के ओमप्रकाश यादव से हार गई थीं। जब शहाबुद्दीन से पूछा गया कि जेल में उन्होंने वक्त कैसे बिताया तो राजद नेता ने कहा कि उन्हें किताब पढ़ने का शौक है। उन्होंने कहा, ‘मैं जेल से चार कार्टन लेकर जा रहा हूं जिसमें दो किताबों से भरे पड़े हैं जो मैंने वहां रहने के दौरान पढ़ीं।’ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के प्रदेश की वर्तमान महागठबंधन सरकार द्वारा शहाबुद्दीन की रिहाई का मार्ग प्रशस्त किए जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि सुशील मोदी को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया जाना चाहिए।

Read Also: शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने पेश किया आधुनिक निकाहनामा, महिलाओं को भी मिलेगा तलाक का हक

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App