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एक्शन मोड में मोदी, बोले- 3 दिन में लालू यादव के रेत माफियाओं से संबंधों को कर दूंगा बेनकाब

सुशील मोदी ने ट्वीट करके कहा- "एडीए-2 की सरकार बनने के तीसरे ही दिन संगठित अपराधियों पर बिजली गिरी। पटना, भोजपुर सहित कम से कम 6 जिलों में बालू माफिया से जुड़े 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई दर्जन रेत लदे ट्रकों को सीज किया गया है।"
बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी।

बिहार के नए उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एनडीटीवी के मुताबिक सुशील मोदी ने लाल यादव के रेत माफियाओं से संबंध होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अगले तीन दिन में इस संबंध में खुलासा करेंगे। डिप्टी सीएम सुशील मोदी के पास वन मंत्रालय का भी प्रभार है। उन्होंने ‘मिट्टी घोटाले’ में ताजा जांच के आदेश जारी कर दिए और उसमें कथित तौर पर तेज प्रताप यादव की भूमिका बताई है। तेज प्रताप यादव आरजेजी प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे हैं। पिछले 48 घंटे में 100 से ज्यादा लोगों को राउंड-अप में लिया गया है और आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ अवैध रेत खनन का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

सुशील मोदी ने ट्वीट करके कहा- “एडीए-2 की सरकार बनने के तीसरे ही दिन संगठित अपराधियों पर बिजली गिरी। पटना, भोजपुर सहित कम से कम 6 जिलों में बालू माफिया से जुड़े 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई दर्जन रेत लदे ट्रकों को सीज किया गया है।” यही नहीं कार्रवाई में सहायता के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासनिक अधिकारी केके पाठक को राज्य के खनन विभाग का प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया है। एनडीटीवी ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा कि अवैध खनन नीतीश कुमार और लालू यादव के विवाद का एक बिंदु रहा है।


पिछले तीन महीनों में सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों (तेजस्वी और तेज प्रताप) पर कई घोटालों और लैंड डील में शामिल होने का आरोप लगाते हुए अभियान चलाया था। मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लालू परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे और दस्तावेज भी पेश किए थे। उन्होंने लालू परिवार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की थी। बिहार में सरकार बदलते ही बिहार पुलिस भी एक्शन में हैं। बालू माफिया के खिलाफ पिछले तीन दिनों से कार्रवाई चल रही है। बालू माफिया पर कार्रवाई न होने पर पिछले दिनों पटना हाईकोर्ट ने चिंता जाहिर की थी। सरकार से पूछा था कि आखिर पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? बालू के अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों ने आइजी से शिकायत की थी। पुलिस पर बालू माफिया से साठ-गांठ का आरोप लगाया गया था।

 

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