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भाजपा ने 12 विधायकों के बहाने नीतीश को लिया निशाने पर

गया जिला, जहां गत 6-7 मई की रात्रि में सत्ताधारी पार्टी जदयू की पार्षद मनोरमा देवी के पुत्र राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी यादव ने आदित्य कुमार सचदेवा नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

Author पटना | May 11, 2016 3:06 AM
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार (10 मई) यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए। (PTI Photo)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘कानून के राज’ के दावे से असहमत भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ताधारी महागठबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) के करीब 12 विधायक, पार्षद, सांसद और प्रभावशाली नेता हत्या, बलात्कार और लड़की के साथ भगाने जैसे जघन्य अपराध में संलिप्त रहे हैं, पर अब तक किसी को सजा नहीं दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार (10 मई) यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हत्या, बलात्कार और लड़की भगाने जैसे जघन्य अपराध में संलिप्त रहने वाले अपने इन 12 विधायक एवं पार्षद, सांसद और प्रभावशाली नेताओं के विरुद्ध क्या ठोस कार्रवाई की उसे सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि ऐसे महागठबंधन के विधायकों एवं पार्षदों में जदयू के सरफराज आलम, गोपाल मंडल एवं बीमा भारती तथा पार्षद (एमएलसी) मनोरमा देवी एवं राणा गंगेश्वर सिंह, राजद विधायक राजबल्लभ यादव, अब्दुल गफूर व कुंती देवी और कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ सिंह और विनय वर्मा तथा जदयू सांसद संतोष कुशवाहा तथा राजद नेता बिंदी यादव शामिल हैं।

उन्होंने उदाहरणस्वरूप राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में एक दंपत्ति से दुर्व्यवहार करने के मामले में सरफराज आलम की गिरफ्तारी, एक लड़की के साथ बलात्कार के मामले में राजबल्लभ यादव की गिरफ्तारी, एक लड़की को भगाने में सिद्धार्थ सिंह की संलिप्तता, कुंती देवी द्वारा एक चिकित्सक की पिटाई, बीमा भारती तथा संतोष कुशवाहा की हत्या के मामले में आरोपी बीमा के पति को थाना हाजत से भगाने आदि घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ खानापूर्ति करते हुए कमजोर धाराओं में ये मामले दर्ज किए हैं।

भाजपा के सहयोगी दल लोजपा के बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने का उचित समय होने के बयान के बारे में पूछे जाने पर सुशील ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की गिरती स्थिति के मद्देनजर आक्रोश में दी गई प्रतिक्रिया है। गया जिला, जहां गत 6-7 मई की रात्रि में सत्ताधारी पार्टी जदयू की पार्षद मनोरमा देवी के पुत्र राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी यादव ने आदित्य कुमार सचदेवा नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सचदेवा के परिजनों से मिलने के लिए रवाना होने से पहले सुशील मोदी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मनोरमा देवी अपने पुत्र को भगाने में संलिप्त रहीं और उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया। उनके नाम से जो घर है वहां से शराब की बोतलें जब्त हुई हैं, पर अभी भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने रॉकी के वाहन में उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक के बारे में पूछा कि क्या वह किसी ‘वीआइपी’ के पुत्र हैं।

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