ताज़ा खबर
 

खुलासा: नीतीश के करीबी MP के बेटे के पास है एंबुलेंस संचालन का जिम्मा, बेटे की लाश ले सड़क पर दौड़ी थी महिला, लोग पत्रकार की कर रहे तारीफ

बच्चे का शव ले जाने के लिए भी परिवार को एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई।

body of 3 year old childबच्चे की मां का वीडियो सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है। (वीडियो स्क्रीन शॉट)

बिहार के जहानाबाद में समय पर एंबुलेंस ना मिलने के चलते तीन साल के मासूम की हाल में मौत हो गई। बच्चे को गंभीर बीमार होने के चलते डॉक्टर ने उसे पटना रेफर कर दिया था, मगर उसे राजधानी ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पाई। इस बीच बच्चे ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। चौंकाने वाली बात है कि बच्चे का शव ले जाने के लिए भी परिवार को एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई।

अब मामले में पत्रकार उत्कर्ष कुमार सिंह @UtkarshSingh_ ने खुलासा करते हुए दावा किया है कि बिहार में एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा Pashupatinath Distributors Pvt. Ltd. (PDPL) के पास है। जिस जहानाबाद में एंबुलेंस ना मिलने से बच्चे की मौत हुई है, उसी जहानाबाद से JDU सांसद चंदेश्वर प्रसाद के तीनों बेटे जितेंद्र, विजय और सुनील इस कंपनी में 37 फीसदी के शेयरहोल्डर्स हैं। अपने ट्वीट के साथ उन्होंने एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। जिसमें सांसद के तीनों बेटों के नाम लिखे नजर आते हैं।

यहां देखें ट्वीट-

अपने अगले ट्वीट में उत्कर्ष कुमार ने बताया कि बड़ा बेटा जितेंद्र कुमार तो इस कंपनी में 2 साल तक डायरेक्टर भी रहा है। मार्च 2017 में वो कंपनी का डायरेक्टर बना और जुलाई में इस कंपनी को पूरे बिहार में एंबुलेंस संचालन का काम मिल गया। इस दौरान उनके पिता चंदेश्वर प्रसाद बिहार विधानसभा के सदस्य के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष भी थे। ट्वीट में सिंह ने दावा कि सालों तक पार्टी और सरकार में बड़े पदों पर रह चुके चंदेश्वर प्रसाद नीतीश कुमार के बेहद करीबी हैं। 28 साल पुरानी कंपनी में चंदेश्वर प्रसाद के बेटे के डायरेक्ट बनने के 3 महीने में ही इतना बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिल गया और उसी जिले में एक मासूम बच्चे की एम्बुलेंस न मिलने से मौत हो गई।

Coronavirus in India LIVE Updates

एक अन्य ट्वीट में पत्रकार लिखते हैं, ‘सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डायरेक्टर न होने के बावजूद भी सांसद के बेटे कंपनी की तरफ से राज्य स्वास्थ्य समिति की बैठकों में जाते हैं जबकि आज की तारीख में वो सिर्फ कंपनी में शेयरहोल्डर्स हैं। इतनी छूट क्यों? क्या कंपनी के बाकी शेयरहोल्डर्स का भी सांसद जी से कोई संबंध है?’

मामले में सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर @indianmuslim00 लिखते हैं, ‘इसे कहते है पत्रकार। खोज ही लिया कि कहानी क्या चल रहा है। फर्जी दिखा देता होगा मरीज को सेवा दे या ना दे।’ मुकेश @Mukesh_Journo लिखते हैं, ‘बहुत झोल है …और सब गोल-माल है।’ भोला झा @BABLOOJHA11 लिखते हैं, ‘बिहार की एम्बुलेंस सेवा क्या जितना भी तंत्र है सब इन नेताओं के रिश्तेदार के आसपास ही है बिहार राज्य इसलिए पीछे है कि दीमक यहाँ हर तंत्र में लगा है जब कोई घटना होती है तब बाहर निकलता है फिर शान्त हो जाता है सही तरीके से ये ब्योरा दे तो कितने की जमानत जब्त हो जाएगी।’

Coronavirus से जुड़ी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: कोरोना वायरस से बचना है तो इन 5 फूड्स से तुरंत कर लें तौबा | जानिये- किसे मास्क लगाने की जरूरत नहीं और किसे लगाना ही चाहिए |इन तरीकों से संक्रमण से बचाएं | क्या गर्मी बढ़ते ही खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस?

Next Stories
1 पीएम की अपील पर तेजप्रताप ने की लालटेन जलाने की अपील, तो ट्रोल्स ने ले लिया निशाने पर,पूछा- उस दिन कौन सा रूप लोगे?
2 Coronavirus: लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र से बिहार लौटे मजदूर पर भड़के स्थानीय, पीट-पीट कर उतार दिया मौत के घाट, 7 अरेस्ट
3 पटना में जदयू नेता कन्हैया कौशिक की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस
ये पढ़ा क्या?
X