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बिहारः JDU नहीं भेज रही थी राज्यसभा, RCP हुए नाराज, उनके ट्विटर से नीतीश और पार्टी दोनों गायब

पटनाः RCP के ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी गायब हैं। जबकि मोदी सरकार में RCP जेडीयू के कोटे से ही मंत्री हैं।

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह। (एक्सप्रेस फोटो)

केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ RCP सिंह चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वो अपनी ही पार्टी और सीएम नीतीश कुमार से नाराजगी को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल, राज्यसभा चिकट कटने की चर्चा के बीच RCP ने अपने ट्विटर से नीतीश कुमार और जेडीयू दोनों को हटा दिया है। उनके अकाउंट पर पीएम मोदी की फोटो दिख रही है पर सीएम का गायब होना खबरनवीसों को अखर रहा है। माना जा रहा है कि अब नीतीश से किनारा करके वो बीजेपी में जाने की फिराक में हैं।

केंद्रीय मंत्री ने अपने बायो में खुद को मंत्री, राज्यसभा सांसद, आईएएस, आईआरएस के अलावा जेएनयू का पूर्व छात्र बताया है। उनके ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी गायब हैं। जबकि मोदी सरकार में RCP जेडीयू के कोटे से ही इस्पात मंत्री हैं। उन्हें नीतीश का विश्वस्त माना जाता रहा है। तभी उन्हें केंद्र में बतौर मंत्री भेजा गया था।

उधर, पिछले काफी दिनों से चर्चा चल रही थी कि नीतीश कुमार को RCP की बीजेपी से नजदीकी अखऱ रही है। इसी वजह से वो इस बार उनको राज्यसभा भेजने के मूड़ में नहीं हैं। अभी भी संशय बना हुआ है कि RCP को जेडीयू टिकट देगा या नहीं। इस बीच उनका ट्विटर हैंडल भी चर्चा में आ गया है। वो मंगलवार को अचानक पटना से दिल्ली रवाना हो गए। पटना में जब उनसे जेडीयू की तरफ से राज्यसभा का टिकट मिलने से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने हाथ जोड़ लिए। उनका कहना था कि उनके संबंध सभी दलों से अच्छे हैं। ट्विटर बायो बदलने के सवाल पर वो चुप हो गए।

उधर, RCP को लेकर जेडीयू का कोई भी नेता मुंह खोलने को तैयार नहीं है। अभी तक कोई उनकी नाराजगी पर कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहा है। हालांकि, नीतीश के नेता लल्लन सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा गया कि नीतीश सरकार 2025 तक चलेगी। नीतीश से राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर सवाल किया गया तो वो भी मुस्कुराकर चलते बने। यानि इसमें साफ है कि जेडीयू और बिहार की राजनीति में कुछ भी हो सकता है।

गौरतलब है कि जुलाई में बिहार के पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नामांकन की तिथि 24 मई यानी आज से शुरू हो गई है। बड़ी बात यह है कि अबतक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा ने रविवार को 12 नाम केंद्रीय नेतृत्व को सौंपे हैं। नीतीश से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि सही समय पर फैसला ले लिया जाएगा।

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