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बिहार: कई शहरों में जल जमाव, राहत कैंपों की बदइंतजामी से लोग हैं परेशान

सुलतानगंज में बाथ थाना के देशवार गांव की 15 साल की रूपा कुमारी की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई।

Author भागलपुर | September 13, 2016 9:23 AM
अभी तक सभी नदियां सामान्‍य रूप से बह रही हैं। (Source: AP File Photo)

बिहार में बाढ़ का पानी तो घट रहा है मगर उसके बाद पैदा होने वाली परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। राहत और मदद का काम चल रहा है। मार्च से अब तक सिर्फ भागलपुर जिले में ही प्राकृतिक आपदाओं में 109 लोग जान गंवा चुके हैं, जिनमें हालिया आई बाढ़ से मरने वाले 60 लोग शामिल हैं। हालांकि डीएम आदर्श तितमारे ने बताया कि सभी को 4-4 लाख रुपए मुआवजा दे दिया गया है। इनमें रविवार अलग-अलग वाकयों में डूबने से मरने वाले लोग शामिल नहीं हैं। थाना सनहोला के तारड़ गांव के विवेका साह की 12 साल की बेटी सुनीता और भगवानपुर गांव के दिनेश यादव का 13 साल का बेटा अजय गेरुआ नदी में नहाने के दौरान डूब गया। गांव में शोर होने पर उन्हें नदी से निकाला गया मगर तब तक वे मौत के मुंह में समा चुके थे।

उधर सुलतानगंज में बाथ थाना के देशवार गांव की 15 साल की रूपा कुमारी की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। वह वकील मंडल की बेटी थी। नारायणपुर ब्लॉक के रायपुर के घनश्याम शर्मा के 12 साल के बेटे माखन की कोशी नदी में डूबने से जान चली गई। गंगटी गांव के 55 साल के गुरुचरण मंडल की बांध में बह जाने से मौत हो गई। सभी की लाशों को निकाल पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस ने यूड़ी केस दर्ज किया है।वैसे बाढ़ का पानी गंगानदी में तो घटा है। मगर गांवों, खासकर नवगछिया इलाके, में 4 से 5 फीट पानी अभी भी जमा है। सरकार के आदेश पर सोमवार को नवगछिया जाने वाली पक्की सड़क को पांच फुट चौड़ाई में काट कर जमा जल को निकालने की कोशिश की जा रही है। एनटीपीसी और धनबाद की कोयला खदानों से पानी निकालने के वास्ते बड़े पंप सोमवार तक भागलपुर पहुंच जाने की उम्मीद है।

नवगछिया बिजली सब स्टेशन में भी पानी का जमाव है। नतीजतन बिजली आपूर्ति करीबन ठप है। काम चलाने लायक मदरोनी बिजली सब स्टेशन से फौरी तौर पर की जा रही है। मगर उमस भरी गर्मी में बगैर बिजली के तबाह है। व्यापारी राजेश कानोडिया ने बताया कि बाढ़ की वजह से नवगछिया टापू बना है और यहां रहने वाले बदइंतजामी और कुदरत की मार से परेशान है। सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि बाढ़ और कटाव का मुद्दा आगामी लोकसभा सत्र में उठाएंगे। इधर नवगछिया के महदतपुर बाढ़ राहत केंद्र में बनाई गई सामूहिक रसोई में महादलितों को खाना न देने की शिकयत पर तीन टीचरों को निलंबित कर कैफियत पूछी गई है। ये महदतपुर मिडिल स्कूल के टीचर है। इनके नाम है अमृत आनंद, उपेन्द्र सिंह और रवि शंकर मुनि।

हालांकि यह सच है कि सुलतानगंज से पीरपैंती 70 किलोमीटर का उतरी इलाका बाढ़ की विभीषिका की चपेट से तबाह हुआ है। 400 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए है। करोड़ों की फसल बर्बाद हुई है और दस हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए है। डीएम भी सही आंकड़ा बताने की स्थिति में नहीं है। वे कहते है कि सर्वे का काम चल रहा है। स्थिति यह है कि तबाही के निशान दूर-दूर तक दिखाई पड़ रहे हैं। बाढ़ का पानी तो घटा मगर मुश्किलें और बढ़ीं

 

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