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सृजन घोटाले में आरोप झेल रहे नीतीश कुमार बोले- ऐसी कोई टकसाल नहीं जो मुझे खरीद सके

राबड़ी के मुताबिक व्यापम घोटाले की तर्ज पर यहां भी सृजन घोटाला मामले में आरोपी रहे छह लोगों की हत्या की जा रही है। राबड़ी ने कहा कि 6 गवाहों को जहर का इंजेक्शन देकर मारा गया।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

सृजन घोटाले के खुलासे के बाद करप्शन के मोर्चे पर बैकफुट पर आने वाले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि दुनिया में अभी तक कोई ऐसी टकसाल नहीं बनी है जो उन्हें खरीद सके। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना में गुरुवार शाम को जदयू विधान मंडल दल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश ने 870.88 करोड़ रुपये के इस कथित गबन में किसी किस्म की भागीदारी से साफ इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने खुद इस मामले को सामने लाया और आर्थिक अपराध इकाई को केस की जांच सौंपी। बिहार सीएम ने करप्शन के आरोपों पर दो टूक कहा कि अभी ऐसी कोई टकसाल नहीं बनी है जो नीतीश कुमार को खरीद सके। आगे नीतीश कुमार ने कहा कि जब उन्होंने इस घोटाले में बैंकों की भूमिका पाई तो पूरे केस की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीएम के मुताबिक अगले दो दिनों में केन्द्रीय जांच एजेंसी इस केस की जांच शुरू कर देगी।

अपने ऊपर लग रहे करप्शन के आरोपों पर नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्ष बौखलाहट और हताशा में चाहे जो आरोप लगा ले लेकिन इनमें कोई दम नहीं है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया था सिस्टम फूलफ्रुफ नहीं है, कुछ खामियां है और घोटालेबाज इसका फायदा उठा रहे हैं। सीएम ने भरोसा दिया है कि अब ऐसा इंतजाम किया जाएगा जिससे ऐसे घोटालेबाज सिस्टम के आसपास फटकने की कोशिश भी ना कर सकें। नीतीश कुमार ने बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी का नाम लिये बिना कहा कि ये घोटाला साल 2003 से चलता आ रहा था। इधर इस घोटाले के सामने आने के बाद विपक्ष का नीतीश सरकार का ताबड़तोड़ हमला जारी है। आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में मध्य प्रदेश दोहराया जा रहा है। राबड़ी के मुताबिक व्यापम घोटाले की तर्ज पर यहां भी सृजन घोटाला मामले में आरोपी रहे छह लोगों की हत्या की जा रही है। राबड़ी ने कहा कि 6 गवाहों को जहर का इंजेक्शन देकर मारा गया।

विधान परिषद के बाहर पत्रकारों को संबोधित करते हुए राबडी ने पूछा कि सृजन घोटाला मामले में आरोपी रहे छह लोगों की कैसे मौत हो गयी। उन्हें जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया गया। उन्होंने इन लोगों की मौत के लिए प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे व्यापमं घोटला से जुड़े कई लोगों की रहस्यमय ढंग से मौत की तरह बताया।राजद मांग कर रही है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी अपने अपने पद से इस्तीफा देंगे। राबड़ी ने नीतीश पर कड़ा प्रहार करते हुए उनसे पूछा कि जब सृजन घोटाले के आरोपियों की हत्या की जा रही है तब ऐसे में उनकी अंतरात्मा की आवाज को क्या हुआ। इस बीच, भागलपुर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सृजन घोटाले के फरार आरोपी अपर समाहर्ता सह पूर्व भूअर्जन अधिकारी राजीव रंजन सिंह, सृजन की सचिव रजनी प्रिया और उसके पति अमित कुमार के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी टी यादव ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

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